राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराणा कस्बे में घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बच्चे के अपहरण के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 40 घंटे की तलाश के बाद बच्चे को उत्तर प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जानकारी में बच्चे की नरबलि दिए जाने की आशंका सामने आई है, हालांकि इस कथित साजिश के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आठ पुलिस टीमों ने दिन-रात अभियान चलाकर करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
घर के बाहर खेल रहा था मासूम, बाइक सवार युवक पर अपहरण का आरोप
जानकारी के अनुसार, मासूम किशना पुत्र अनिल अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक पर उसे अगवा करने का आरोप है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और बच्चे की तलाश शुरू की गई।
आठ पुलिस टीमों ने खंगाले 350 सीसीटीवी कैमरे
बहरोड़ के एसपी सतवीर सिंह के अनुसार, अपहरण की सूचना मिलते ही नीमराणा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची और डीएसपी कृष्ण यादव के नेतृत्व में आठ पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध की गतिविधियों का पता लगाने के लिए अलग-अलग सुरागों पर काम किया।
पुलिस ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश तक पहुंचीं। लगातार प्रयासों के बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया और कथित अपहरण के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। करीब 40 घंटे के भीतर बच्चे की बरामदगी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
नरबलि की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच
इस मामले में शुरुआती जानकारी के दौरान बच्चे की नरबलि दिए जाने की आशंका भी सामने आई है। हालांकि, अभी तक इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि अपहरण के पीछे की वजह, उसकी मंशा और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
डीएसपी कृष्ण यादव ने दिया सख्त कार्रवाई का संदेश
डीएसपी कृष्ण यादव ने कहा कि अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य आमजन में विश्वास कायम करना और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना है।
बच्चे की सुरक्षित वापसी से परिवार ने ली राहत की सांस
अपहरण जैसी गंभीर घटना के बाद बच्चे की सकुशल बरामदगी से परिवार ने राहत की सांस ली है। दूसरे राज्य तक पहुंचकर पुलिस ने आठ टीमों के समन्वय और लगातार कार्रवाई के जरिए बच्चे को सुरक्षित बरामद किया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस अपहरण के कारणों और नरबलि की आशंका समेत मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।