सोशल मीडिया पर खुद को ‘शिवा- डॉन ऑफ सेक्टर-14’ बताने वाला और बदमाशी वाली रीलें डालकर लाइक बटोरने वाला आरोपी शिवा शर्मा आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। छेड़छाड़ और चोरी के मामले में महीनों से फरार चल रहा यह आरोपी जोधपुर में हुलिया बदलकर कार गैराज में काम कर रहा था। वहां से उसे पकड़कर उदयपुर लाई पुलिस ने इलाके में पैदल परेड कराई। सड़क पर चलते हुए वह बार-बार बोलता रहा– अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।
पुलिस के लिए यह मामला सिर्फ गिरफ्तारी भर नहीं था, बल्कि सोशल मीडिया पर फर्जी दहशत फैलाने वाले एक युवा की कहानी थी, जो असल जिंदगी में अपराधों में उलझता चला गया। एसआई अर्जुनलाल ने बताया कि शिवा महिलाओं से छेड़छाड़ और स्थानीय लोगों से मारपीट की घटनाओं में पहले से ही बदनाम था। 16 अक्टूबर को एक नाबालिग छात्रा ने थाने में रिपोर्ट दी थी कि आरोपी स्कूल से घर लौटते वक्त उसका पीछा करता है और शादी के लिए दबाव बना रहा है। छात्रा ने बताया कि 13 मई को उसने बाइक से पीछा कर उसका हाथ पकड़ लिया और 50 हजार रुपए की मांग की। विरोध करने पर धमकियां दीं और बाद में उसी छात्रा के घर में घुसकर जेवरात चोरी कर ले गया।
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फरारी के दौरान शिवा शर्मा लगातार शहर बदलता रहा। इसी दौरान वह इंस्टाग्राम पर बदमाशी वाले गानों के साथ रीलें अपलोड करता रहा और शराब-सिगरेट पीते हुए कहता था कि उसे कोई पकड़ नहीं सकता। इस सबके बाद पुलिस को इनपुट मिला कि वह जोधपुर के झालामंड इलाके में पहचान छिपाकर गैराज में नौकरी कर रहा है। टीम वहां पहुंची और कार ठीक कराने के बहाने उसे दबोच लिया।
उदयपुर लाते समय भी उसने टॉयलेट जाने का बहाना किया और अंधेरे में भागने की कोशिश की लेकिन भागते-भागते नाले में गिर गया, जिससे उसके हाथ और पैर में चोट आई। इसके बाद उसे मेडिकल जांच के बाद थाने लाया गया।
पुलिस को अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, दोस्तों और संभावित सहयोगियों की जानकारी खंगाल रही है। साथ ही पूछताछ में पुलिस यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि वह फरारी के दौरान किन लोगों के संपर्क में रहा और चोरी किए गए जेवरात कहां बेचे। पुलिस इस पूरे प्रकरण को सोशल मीडिया पर बढ़ती फर्जी गैंगस्टर छवि की प्रवृत्ति का उदाहरण भी मान रही है, जिसे लेकर आगे भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।