उदयपुर की पैसिफिक यूनिवर्सिटी में बीडीएस फाइनल ईयर की छात्रा श्वेता सिंह की आत्महत्या के बाद छात्रों ने लगातार दो दिन प्रदर्शन किया। श्वेता ने सुसाइड नोट में विश्वविद्यालय के दो कर्मचारियों पर अटेंडेंस और परीक्षा के नाम पर पैसे मांगने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
पैसिफिक विश्वविद्यालय में बीडीएस फाइनल ईयर की छात्रा श्वेता सिंह की आत्महत्या के मामले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। दिनभर नाराज स्टूडेंट्स ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शाम करीब 5 बजे विश्वविद्यालय प्रबंधन और परिजनों के बीच सुलह वार्ता हुई, जिसमें कॉलेज के दो कर्मचारियों—भगवत सर और नैनी मैम—को हटाने, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने पर सहमति बनी। इसके बाद विरोध शांत हुआ।
विज्ञापन
थाना अधिकारी ने दी जानकारी
सुखेर थाना प्रभारी रविंद्र चारण ने बताया कि दो दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को परिजनों और कॉलेज प्रबंधन के बीच पुलिस की मौजूदगी में लंबी बातचीत हुई। इसके बाद कानूनी पक्ष के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया, जो अब उसे लेकर जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले स्थित उनके पैतृक गांव के लिए रवाना हो चुके हैं।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
गुरुवार देर रात बीडीएस की छात्रा श्वेता सिंह (25) ने विश्वविद्यालय के हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। श्वेता ने अपने सुसाइड नोट में कॉलेज प्रशासन पर अटेंडेंस और परीक्षा के नाम पर वसूली का आरोप लगाया। उसने लिखा कि एडमिन में तैनात भगवत सर और नैनी मैम बार-बार पैसों की मांग को लेकर दबाव बनाते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
घटना के बाद छात्रों में आक्रोश
छात्रा की मौत के बाद से ही विश्वविद्यालय में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। छात्रों का कहना था कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। शुक्रवार को सहमति बनने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।