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Udaipur: एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाने का मामला, 6 आरोपी गिरफ्तार, 15 मोबाइल जब्त

Sun, 28 Jan 2024 07:59 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर

सार

Udaipur: विभिन्न सोशल साइट पर ऐड देकर एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी करने वाले के गिरोह का खुलासा कर पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चला रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 19 एटीएम कार्ड व 15 मोबाइल जब्त किए गए हैं।
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6 आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मामले को लेकर एसपी भुवन भूषण यादव ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा साइबर अपराध को रोकने के लिए साइबर क्राइम करने वाले नंबरों को चिन्हित करने के निर्देश दिये गए। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर लोकेन्द्र दादरवाल एवं वृताधिकारी वृत नगर पश्चिम चांदमल सिंगारिया के नेतृत्व में प्रोबेशनर आईपीएस निश्चय प्रसाद एम एवं एसएचओ अम्बामाता डॉ. हनवन्त सिंह राजपुरोहित की टीम द्वारा एसएचओ खेरवाड़ा दिलीप सिह से सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए सज्जन नगर स्थित अयाना अपार्टमेन्ट के दूसरी मंजिल स्थित कॉल सेंटर पर दबिश दी गई।

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बता दें कि कमरे के अंदर 6 लोग बैठे हुए थे, जिनके हाथों में मोबाइल थे। नाम पता पूछने पर उन्होंने अपना नाम दयालाल पाटीदार पुत्र मोगजी (26), रोशन पाटीदार पुत्र नाथुजी (26) व प्रवीण पाटीदार पुत्र मोकजी (23) निवासी थाना दोवडा जिला डुंगरपुर, भरत पाटीदार पुत्र हीरजी पाटीदार (24), हितेश पाटीदार पुत्र लालींग (21) व कपिल पाटीदार पुत्र भानजी (24) निवास थाना आसपुर जिला डुंगरपुर, होना बताया। वहीं, तलाशी में फ्लैट से कुल 15 मोबाइल फोन, 19 एटीएम एवं अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण मोबाइल चार्ज पिन और सिम मिली। पुलिस मुख्यालय द्वारा साइबर अपराध में चिन्हित नंबर भी उनके पास मिले।

 
वारदात करने का तरीका 
सभी आरोपियों द्वारा मोबाइल में ऑनलाइन एस्कोर्ट सर्विस साइट पर ऐड में अपनी आईडी बना लड़कियों के फोटो टैग कर फर्जी मोबाइल नंबर दे रखे हैं। व्हाट्सएप द्वारा लोगों से सम्पर्क कर झांसे में लेकर एडंवास के नाम पर 100-200 से लेकर 5000 तक की रकम डमी बैंक खातों में प्राप्त करते है। ग्राहक द्वारा एस्कार्ट सर्विस के लिए लड़की की मांग करने पर पहले तो धमकाते तथा फिर भी परेशान करने पर ग्राहक के नंबर को ब्लॉक कर देते है। जिसके बाद उक्त सभी को वर्तमान में उपयोग में लिये जा रहे खातों के संबंध में पूछने पर एक एचडीएफसी बैंक के खाता नंबर एवं दो कोटेक महेन्द्रा बैंक के खाता नंबरों को काम में लेना बताया तथा उक्त खातों का नेट बैकिंग एक्सेस स्वयं के पास रखते एवं एस्कोर्ट सर्विस के नाम से कस्टमर से ठगी कर प्राप्त राशि को उक्त फर्जी खातों में प्राप्त विड्रोल कर उपयोग में ली जाना बताया गया। 

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