उदयपुर के उमरड़ा खेड़ा गांव में बुधवार सुबह तेंदुए ने तीन ग्रामीणों पर हमला कर दिया। आबादी क्षेत्र के पास घात लगाकर बैठे तेंदुए ने घरों से बाहर निकले ग्रामीणों को निशाना बनाया। हमले में तीनों घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए उदयपुर के एमबी अस्पताल पहुंचाया गया।
शोर मचाते ही जुटी ग्रामीणों की भीड़
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब छह बजे तेंदुआ गांव में आबादी क्षेत्र के पास बैठा था। जैसे ही ग्रामीण घरों से बाहर निकले, उसने अचानक हमला कर दिया। इस दौरान जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, रितेश (20) पुत्र गंगाराम और कालू (40) पर तेंदुए ने हमला किया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। लोगों की भीड़ और शोर सुनकर तेंदुआ वहां से भाग गया।
पलंग पर लिटाकर सड़क तक लाए घायल
उमरड़ा के पूर्व सरपंच गोपाल मीणा ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में घर होने के कारण वहां वाहन नहीं पहुंच पाते। ऐसे में घायलों को पलंग पर लिटाकर नीचे सड़क तक लाया गया। इसके बाद उन्हें उदयपुर के एमबी अस्पताल पहुंचाया गया।
एक दिन पहले भी ग्रामीण पर किया था हमला
इससे पहले मंगलवार शाम करीब छह बजे भी तेंदुए ने गांव के 45 वर्षीय लोगर लाल मीणा पर हमला किया था। लोगर लाल घर के बाहर बैठे थे, तभी पास में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। उनके शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया। हमले में उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर पंजों के निशान आए थे। उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया था।
लगातार दूसरे दिन हमले से दहशत
लगातार दूसरे दिन तेंदुए के हमले से उमरड़ा खेड़ा और आसपास के इलाकों में ग्रामीणों में भय बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही बनी हुई है। अब वह जंगल और पहाड़ी क्षेत्र तक सीमित न रहकर आबादी वाले इलाकों में भी पहुंच रहा है।
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पिंजरा लगाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने और तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए तेंदुए को जल्द पकड़ना जरूरी है, ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।