राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने गफलत में किसी दूसरे व्यक्ति का दाह संस्कार अपने परिवार का सदस्य मान कर दिया।
जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ में पुलिस को सड़क पर एक मृत व्यक्ति मिला था जिसकी शिनाख्तगी के प्रयास किए जा रहे थे। इस दौरान क युवक अपनी मां के साथ मुर्दाघर आया और इस शव को कद काठी और चेहरे में समानता के आधार पर अपना पिता नंदकिशोर तेली बताया। पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने मृतक का शव इस युवक को सौंप दिया। जिसके बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
अगले ही दिन उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक शख्स पुलिस के पास पहुंचा और मृतक के बारे में जानकारी हासिल करने लगा। जिसके बाद पुलिस ने दाह संस्कार करने वाले परिवार से मृतक के कपड़े मंगवाए और कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान नंदन प्रकाश निवासी बदायूं यूपी के रूप में पहचान हुई।
नंदन प्रकाश अपने परिवार समेत प्रतापगढ़ कपड़े बेचने के लिए यहां आया हुआ था और उस दिन वह चक्कर खाकर सड़क पर ही गिर पड़ा था जिसे बाद में पुलिस और लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। मृतक को ढूंढते हुए उसका भांजा जब पुलिस के पास पहुंचा तो पूरा मामला खुलकर सामने आया।
इन सबके बीच अभी यह मालूम नहीं चल पाया है कि असली नंदकिशोर अभी कहां पर है जिसे मृत समझकर किसी दूसरे का अंतिम संस्कार किया गया।