पुलिस मुख्यालय क्राइम ब्रांच की सूचना पर झुंझुनूं की पचेरी कलां थाना पुलिस ने नाकाबंदी कर एक स्लीपर बस से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी तस्करों के पास से 31 किलो 500 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है। दोनों तस्कर नागालैंड के दीमापुर से गांजा लेकर झुंझुनूं आ रहे थे। इसकी सूचना पर पुलिस ने आरोपियों के सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया है।
राजस्थान के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध दिनेश एमएन ने बताया- क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल शंकर दयाल शर्मा और कमल सिंह व झुंझुनूं के शशिकांत को सूचना मिली कि नागालैंड से गांजा तस्करी कर कुछ युवक प्रदेश में सप्लाई करते हैं। सूचना पुख्ता होने पर एसएचओ पचेरी कला को सूचित कर सिंघाना-नारनौल रोड पर नाकाबंदी कराई गई। सोमवार -मंगलवार देर रात करीब 1:00 बजे हरियाणा की तरफ से आ रही पंजाब नंबर की एक प्राइवेट स्लीपर बस को रुकवाया गया। बस में बैठे दो युवक पुलिस को देखकर घबरा गए। दोनों युवकों ने अपने पैरों के बीच एक-एक पिट्ठू बैग दबा रखा था।
युवकों को बस से उतार कर नाम पता पूछा गया तो एक ने अपना नाम अनिल सिंह पुत्र बदन सिंह (33 साल) निवासी सूरजगढ़ और दूसरे ने दीपक मेघवाल पुत्र दरिया सिंह (27 साल) निवासी सूरजगढ़ जिला झुंझुनूं बताया। दोनों के बैग की तलाशी में 25 प्लास्टिक के पैकेट से 31 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया। एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि अवैध मादक पदार्थ गांजा जप्त कर थाना पुलिस ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में नागालैंड के दीमापुर से गांजा नंदकिशोर नाम के व्यक्ति से लोटिया निवासी कपिल मेघवाल के लिए लाना बताया। नाम सामने आने के बाद पुलिस ने मुख्य तस्कर कपिल मेघवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एडीजी ने बताया कि कपिल मेघवाल पैसों का लालच देकर गरीब और जरूरतमंद युवकों से मादक पदार्थों की तस्करी करवाता है। पकड़े गए दोनों युवक भी पैसों के लिए नागालैंड से गांजा ला रहे थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पुलिस को गुमराह करने के लिए तस्कर वापस आने के लिए ट्रेन का रिजर्वेशन करवाते हैं, जबकि आते बस या अन्य साधनों से हैं। हर बार अपना आने-जाने का रास्ता बदलते रहते हैं।
कार्रवाई में ये पुलिस टीम रही
इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक राम सिंह नाथावत, हेड कांस्टेबल शंकर दयाल शर्मा, कमल सिंह, रामनिवास और कांस्टेबल भूपेंद्र शर्मा, देवेंद्र, चालक विश्राम और झुंझुनूं जिले के हेड कांस्टेबल शशिकांत की विशेष भूमिका रही। हेड कांस्टेबल शंकर दयाल शर्मा और कमल सिंह का तकनीकी क्षेत्र में भी विशेष योगदान रहा।