धौलपुर में सोने का गुर्जा थाना इलाके के जरौली गांव के बीहड़ों से रविवार सुबह वन्यजीव प्रेमियों को दुखद खबर प्राप्त हुई है। बीती रात हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो पैंथर की मौत हुई है। दो पैंथर की मौत होने से जिला प्रशासन एवं वन विभाग में हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पैंथर के शव कब्जे में लिए हैं। पशु चिकित्सकों द्वारा दोनों के पोस्टमार्टम कराए जाएंगे। हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही की बदौलत गठित हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सरमथुरा क्षेत्र के रेंजर अमर लाल मीणा ने बताया बीती रात आंधी की वजह से जरौली गांव के पास बीहड़ों में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। जमीन पर टूटे तार में विद्युत करंट प्रवाहित हो रहा था। दो पैंथर जमीन पर पड़े तार के ऊपर से निकल रहे थे। दोनों की करंट की चपेट में आने से झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। रविवार सुबह दोनों पैंथर के शव स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल में पड़े देखे तो हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना वन विभाग को दी गई।
रेंजर ने बताया वन विभाग की टीम को लेकर मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया गया। उन्होंने बताया पैंथर की डेड बॉडी तार के ऊपर पड़ी हुई थी। एक पैंथर की तार से गर्दन वही दूसरे के पैर टकराने से मौत हुई है। उन्होंने बताया दोनों पैंथर के शव कब्जे में लेकर रखवा दिए हैं। पशु चिकित्सकों की टीम को मौके पर बुलाया गया है। दोनों के पोस्टमार्टम कराए जाएंगे। घटना को लेकर स्थानीय जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
विद्युत निगम की लापरवाही से हुआ हादसा
दोनों पैंथर की मौत का जिम्मेदार विद्युत महकमा माना जा रहा है। जंगल और बीहड़ों में झूलते बिजली के तार कभी भी टूट कर गिर पड़ते हैं, जिसकी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण किसान एवं पशु भी चपेट में आ चुके हैं। विगत साल वन विहार क्षेत्र के पास भी एक पैंथर एवं दो शावकों की करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी।
वन्यजीव प्रेमियों के लिए दुखद खबर
वन्य जीव प्रेमी राजीव तोमर ने बताया दो पैंथर की मौत होना बेहद दुखद खबर है। उन्होंने बताया राज्य सरकार एक तरफ बीहड़ों को सेंचुरी एरिया घोषित कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ वन विभाग एवं सिस्टम की नाकामी की बदौलत जानवर हादसों का शिकार हो रहे हैं। बीती रात दो पैंथर की मौत हो जाने से वन्यजीव प्रेमियों में निराशा छाई हुई है।