टोंक जिले में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश अब आमजन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। शहर की कई कॉलोनियां और ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। लगातार हो रही बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल मंगलवार सुबह स्वयं रेनकोट पहनकर अधिकारियों की टीम के साथ जलभराव वाले इलाकों के निरीक्षण पर निकलीं। उन्होंने शहर के खेल स्टेडियम के पीछे स्थित कैलाशपुरी कॉलोनी, काफला बाजार, कचहरी दरवाजा सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अग्रवाल ने उपखंड अधिकारी हुकमीचंद रोहलानिया और नगर परिषद के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जलभराव की प्रमुख वजहों पर चर्चा करते हुए स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नालों पर हो रहे अतिक्रमण और मानसून से पहले नगर परिषद द्वारा की गई नालों की सफाई में लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
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कलेक्टर ने आमजन से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि बीते एक माह से हो रही लगातार बारिश के कारण सभी जलस्रोतों और नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी पिकनिक स्पॉट, नदी, तालाब, बांध, एनिकट या झरने के पास न जाएं और अपनी जान जोखिम में न डालें। जिले में फिलहाल प्रशासन सतर्क है और राहत कार्यों को गति देने के निर्देश दिए जा चुके हैं। नगर परिषद और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर तैनात हैं।