फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान: शादी के दबाव में प्रेमिका की हत्या, प्रेमी समेत एक ही परिवार के चार सदस्यों को उम्रकैद

Thu, 01 Oct 2026 01:48 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक

सार

टोंक की विशेष एससी/एसटी अदालत ने प्रेमिका की हत्या के मामले में प्रेमी समेत एक ही परिवार के चार सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मुख्य आरोपी प्रधान, उसकी मां संजना, भाई सवाई राम और बहन सुशीला को दोषी माना। युवती की हत्या जहरीला रसायन पिलाकर की गई थी और बाद में परिजनों को सांप के काटने की झूठी कहानी बताई गई थी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले की विशेष अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अदालत ने शादी का दबाव बनाने पर प्रेमिका की हत्या करने के मामले में एक ही परिवार के चार सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने मुख्य आरोपी प्रधान, उसकी मां संजना, भाई सवाई राम और बहन सुशीला को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास का दंड दिया। अदालत ने इन चारों दोषियों पर कुल 1.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 27 गवाहों के बयान और 37 दस्तावेज प्रस्तुत करके इस पूरे हत्याकांड के आरोपों को पूरी तरह साबित किया।
विज्ञापन


शादी के दबाव में रची साजिश
मृतक 25 वर्षीय सुमन और मुख्य आरोपी प्रधान दोनों ही मूल रूप से टोंक जिले के रहने वाले थे, लेकिन वे दोनों जयपुर में रहते थे। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। सुमन और प्रधान अलग-अलग जातियों से संबंध रखते थे। सुमन लगातार प्रधान पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि प्रधान विवाह की बात को लगातार टालता आ रहा था। जब सुमन की ओर से शादी के लिए दबाव बहुत अधिक बढ़ गया, तो प्रधान ने अपनी मां संजना, भाई सवाई राम और बहन सुशीला के साथ मिलकर सुमन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। प्रधान ने सितंबर 2022 में श्राद्ध कार्यक्रम के बहाने सुमन को अपने गांव बुलाया। गांव पहुंचने पर सभी आरोपियों ने मिलकर साजिश के तहत सुमन को जहरीला रसायन पिला दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज
हत्या के तीन दिन बाद प्रधान ने सुमन के भाई को फोन करके अजमेर बुलाया। हालांकि उस समय तक सुमन की मौत हो चुकी थी। आरोपी परिवार ने युवती के परिजनों को गुमराह करते हुए बताया कि उसकी मृत्यु सांप के काटने की वजह से हुई है। परिजनों ने भी विश्वास कर लिया और सच्चाई जाने बिना सितंबर, 2022 में ही सुमन का अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि, पूरा मामला तब उजागर हुआ जब बाद में सुमन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट खुलासा हुआ कि युवती की मौत सांप के काटने से नहीं हुई थी, बल्कि शरीर में जहरीला रसायन जाने के कारण हुई थी। इस पर परिजनों का शक प्रधान पर गहरा गया। पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि प्रधान ने मृतका के एटीएम कार्ड का प्रयोग करके उसके बैंक खाते से करीब 80 हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद सुमन के भाई की शिकायत पर मई, 2023 में पुलिस ने औपचारिक केस दर्ज किया।
विज्ञापन


अदालत ने फैसले में लिखी कविता
विशेष अदालत में चली सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने यह सिद्ध कर दिया कि विवाह का लगातार दबाव बनाने के कारण ही सुमन की साजिश रचकर हत्या की गई थी। न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने फैसला सुनाते समय अपने लिखित फैसले में 10 पंक्तियों की एक स्वलिखित कविता को भी शामिल किया। इस कविता में न्यायाधीश ने हत्या के अपराध, भरोसे के टूटने और रिश्ते में व्याप्त जातिगत भिन्नता के गंभीर पक्षों का उल्लेख किया। इस आपराधिक मामले से जुड़ा एक अन्य गंभीर तथ्य यह भी है कि आरोपी महिला संजना और उसके बेटे सवाई राम पर संजना के पति जगदीश की हत्या का भी आरोप लगा था। वे दोनों पहले से ही इस मामले में जयपुर जेल के भीतर न्यायिक हिरासत में बंद थे। सुमन की हत्या के केस की अदालत में सुनवाई पूरी करने के लिए ही पुलिस प्रशासन उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर टोंक लेकर आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें