टोंक से 12 सूत्री मांगों को लेकर जयपुर कूच पर निकले भगत सिंह सेना सुप्रीमो और किसान नेता नरेश मीणा तथा जिला प्रशासन के बीच मध्यरात्रि बाद सहमति बन गई।
एडीएम रामरतन सौकरिया और एएसपी रतनलाल भार्गव की मौजूदगी में संभागीय आयुक्त से मिले आश्वासन के बाद नरेश मीणा ने धरना समाप्त करने और जयपुर कूच स्थगित करने की घोषणा की। यह सहमति टोंक-सवाई माधोपुर नेशनल हाईवे पर आमली मोड़ के पास देर रात बनी।
11 सूत्रीय मांगों से शुरू हुआ आंदोलन, एक और मांग जुड़ी
देवली-उनियारा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर नरेश मीणा ने पहले मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था। मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने 30 जनवरी से जन आंदोलन की चेतावनी दी थी। मौके पर एक और मांग जोड़ते हुए समरावता की जर्जर स्कूल इमारत को गिराकर नया भवन बनाने की मांग शामिल की गई। इसके तहत शुक्रवार को उनियारा क्षेत्र के कोटड़ी मोड़ से सभा कर आंदोलन की शुरुआत की गई। सभा के दौरान नरेश मीणा ने मंच से 12 सूत्रीय मांगों को लेकर जयपुर कूच का ऐलान किया। ऐलान के करीब दस मिनट बाद ही वे कार में सवार होकर हजारों समर्थकों के साथ जयपुर की ओर रवाना हो गए।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: बीजेपी विधायक जसवंत यादव बोले-SIR में मुसलमानों से ज्यादा हिंदुओं के वोट कटे
आमली मोड़ पर रोका गया काफिला
प्रशासन और पुलिस ने अलीगढ़ कस्बे से करीब चार किलोमीटर दूर टोंक-सवाई माधोपुर नेशनल हाईवे पर आमली मोड़ स्थित सर्विस रोड पर बैरिकेड्स लगाकर काफिला रोक दिया। इसके बाद नरेश मीणा कार के ऊपर बैठ गए और वहीं भोजन किया। इसके बाद समर्थकों ने अलाव जलाकर नारेबाजी शुरू कर दी।
मौके पर पहुंचे एडीएम रामरतन सौकरिया ने नरेश मीणा की मोबाइल पर जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त से बात करवाई। जयपुर स्तर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद नरेश मीणा धरना समाप्त करने पर सहमत हुए और जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।