11 सूत्री मांगों को लेकर नरेश मीणा का जयपुर कूच का ऐलान
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जिले के देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे और एसडीएम थप्पड़ कांड से चर्चा में आए नरेश मीणा ने एक बार फिर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनियारा के कोटड़ी मोड़ पर आयोजित जन आंदोलन के आगाज के दौरान अधिकारियों से वार्ता के बाद नरेश मीणा ने जयपुर कूच का ऐलान कर दिया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्हें रोकने के लिए समझाइश के प्रयास किए गए लेकिन सभी कोशिशें नाकाम रहीं।
दरअसल नरेश मीणा द्वारा 11 सूत्री मांगों को लेकर पूर्व घोषित जन आंदोलन सभा का आयोजन कोटड़ी मोड़ पर किया गया था। इस दौरान लगभग 4 से 5 हजार लोग सभा स्थल पर पहुंचे। मीणा दोपहर करीब 2 बजे करीब दो दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ सभा स्थल पर पहुंचे। उनके साथ विभिन्न समाजों के नेता भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने उनके संघर्ष की सराहना की।
इस दौरान नरेश मीणा के पुत्र अनिरुद्ध मीणा ने जनसमूह से आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने की अपील की। वहीं अपने संबोधन में नरेश ने कहा कि समरावता कांड और अन्य मामलों में जेल में रहने के कारण वे लंबे समय तक लोगों के बीच नहीं आ सके लेकिन अब वे जनता के साथ हैं और उनकी समस्याओं के लिए संघर्ष करेंगे।
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उन्होंने बताया कि प्रशासन से उनकी वार्ता हुई थी, जिसमें कुछ मांगों पर समय मांगा गया था लेकिन अब तक कोई मांग पूरी नहीं हुई है। इसी कारण उन्होंने जयपुर कूच का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मांगें मनवाने के लिए वे जयपुर की ओर मार्च करेंगे और रात्रि विश्राम अलीगढ़ में करेंगे।
जयपुर कूच के दौरान नरेश मीणा के काफिले को अलीगढ़ से करीब चार किलोमीटर पहले आमली मोड़ पर पुलिस और प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग कर रोक लिया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव और एडीएम रामरतन सोकरिया उनसे वार्ता कर समझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।