टोंक की एसीबी कोर्ट ने करीब 13 साल पुराने रिश्वत के मामले में तत्कालीन हल्का पटवारी लड्डूलाल धाकड़ को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी पटवारी को एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला वर्ष 2013 का है। 4 जनवरी 2013 को समरावता के निवासी परिवादी मौजीराम गुर्जर ने एसीबी टोंक में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह अनपढ़ है और उसने कई साल से गांव की चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। उसके पास इस अतिक्रमण की पेनल्टी की रसीदें भी थीं। परिवादी के अनुसार कचरावता का हल्का पटवारी लड्डूलाल धाकड़ इस मामले में उसे जेल भिजवाने की धमकी दे रहा था और बदले में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
ये भी पढ़ें: Jodhpur: घटिया मिड डे मील पर भड़के अभिभावक, स्कूल में मीडिया पर लगा बैन, कठघरे में संस्था प्रधान और ठेकेदार
शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी टोंक ने 4 जनवरी, 2013 को ही एक विशेष ट्रैप कार्रवाई का आयोजन किया। इस कार्रवाई के दौरान पटवारी लड्डूलाल धाकड़ को पांच हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले में पूरी जांच समाप्त होने के बाद एसीबी ने 3 दिसंबर, 2014 को कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिया था। अब करीब 13 साल बाद अदालत ने पटवारी लड्डूलाल धाकड़ को एक साल के साधारण कारावास और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।