टोंक के पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक मोहम्मद मियां गुलजार ने बताया कि 29 जून 2022 को टोंक के सदर पुलिस थाने में पीड़िता के पिता ने एक रिपोर्ट दी थी जिसमें बताया गया था कि नाबालिग दो-तीन बजे घर से निकली थी लेकिन घर नहीं लौटी और काफी तलाश करने के बाद भी नहीं मिली।
इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान नाबालिग को पुलिस ने दस्तयाब किया तो पीड़िता ने बताया कि टोंक का ही अमीर अब्बासी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था। उसके बाद अमीर और उसका साथी रघु उर्फ बंटी नायक उसे पहले निवाई ले गए, जहां से रघु हम दोनों को निवाई छोड़कर टोंक वापस आ गया और अमीर मुझे जयपुर ले गया, वहां से सवाई माधोपुर और फिर कोटा ले गया।नाबालिग ने बताया कि इस दौरान कोटा के एक मुसाफिरखाने में अमीर ने मेरे साथ गलत काम किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक मोहम्मद मियां गुलजार ने बताया कि मामले में कुल 23 गवाह, 62 दस्तावेज पेश किए गए, जिस पर पॉक्सो कोर्ट ने दोनों आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया।