एसीबी टीम ने जिला उद्योग केंद्र के मुख्य प्रबंधक सुल्तान सिंह मीणा और वरिष्ठ सहायक अजय खंडेलवाल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इस मामले में संलिप्त चार्टेड अकाउंटेंट जयंत जैन को भी गिरफ्तार किया गया है। एसीबी टीम को वरिष्ठ सहायक अजय खंडेलवाल के टोंक स्थित निवास की तलाशी के दौरान 6 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध धन राशि मिली।
जानकारी के अनुसार एसीबी मुख्यालय को गुप्त सूत्रों से शिकायत मिली थी। गोपनीय सूत्र ने शिकायत में बताया कि टोंक जिला उद्योग केंद्र के मुख्य प्रबंधक सुल्तान सिंह मीणा द्वारा बूंदी जिला उद्योग केंद्र के वरिष्ठ सहायक अजय खंडेलवाल के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक विकास योजनाओं में गलत रिपोर्ट बनाने, गलत लोन पास करने और फर्जी बिलों के आधार पर अयोग्य व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की एवज में रिश्वत राशि का लेनदेन किया जा रहा है।
शिकायत के आधार पर एसीबी मुख्यालय स्थित तकनीकी शाखा के डीसीपी राजेश दुरेजा की टीम द्वारा तकनीकी/ गोपनीय रूप से शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसके बाद जयपुर एसीबी के डीआईजी रणधीर सिंह के सुपरविजन में जाल बिछाकर मुख्य प्रबंधक सुल्तान सिंह मीणा और वरिष्ठ सहायक अजय खंडेलवाल को 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि लेते-देते गिरफ्तार किया है। एसीबी ने इस मामले में संलिप्त आरोपी जयंत जैन, चार्टेड अकाउंटेंट को भी गिरफ्तार किया है।
एसीबी टीम को अजय खंडेलवाल के टोंक स्थित आवास पर तलाशी में 6 लाख रुपये से अधिक की राशि बरामद हुई है। टीम तीनों आरोपियों से रिश्वत राशि को लेकर पूछताछ कर रही है।