राजस्थान के अजमेर जिले का जेएलएन मेडिकल कालेज इन दिनों बच्चों की कब्रगाह बन कर रह गया है। शनिवार को यहां तीन और नवजात बच्चों की मौत हो गई। इससे पहले भी अभी तक इस महीने में यहां 16 बच्चों की मौत हो चुकी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मरने वाले अधिकतर नवजात बच्चों का वजन काफी कम था। उनमें से ज्यादातर बच्चों को अन्य अस्पतालों से शिफ्ट करके यहां लाया गया था।
राज्य में नवजात बच्चों की बढ़ती मौत पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौर ने अस्पतालों को इलाज में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने जेएलएन मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य और अधीक्षक को भी शिशुओं के स्वास्थ्य पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मंत्री की चेतावनी के बाद अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की बढोत्तरी कर दी है।
वहीं प्रिंसिपल केसी अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में हुई हर मौत की जांच की जाएगी। जांच समिति इस तरह की मौतों पर भविष्य में रोक लगाने के तरीकों पर भी सुझाव देगी।