जोधपुर सेंट्रल जेल में हिन्दू कैदी से आतंकी मामलों में बंद कैदियों ने मारपीट कर दी। तब भारत में सिक्योरिटी के लिहाज से महत्वपूर्ण जेलों में शुमार जोधपुर सेंट्रल जेल में हिन्दू कैदी के धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया। रविवार को एक कैदी से ATS की गिरफ्त के बाद जेल में रखे गए कैदियों ने मारपीट कर दी। तो घायल कैदी ने आरोप लगाया कि जेल में आतंकी मामले के बंदी उस पर और हिंदू कैदियों पर धर्म परिवर्तन करने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। उनके पास हिंदू धर्म के खिलाफ कई तरह की सामग्रियां हैं, जिन्हें वो जेल में बांटते भी हैं। हिन्दू कैदियों का धर्म परिवर्तन करवाने के लिए वो लगातार उनको प्रभावित करने का काम कर रहे हैं। हालांकि अभी तक जेल प्रशासन ने इस घटना को लेकर अपना पक्ष नहीं रखा है।
जालौर के बंदी सुभाष विश्नोई ने घायल हालात में अस्पताल में लगाए आरोप
रविवार सुबह जेल के वार्ड नंबर 15 में बंद जालौर के कैदी सुभाष विश्नोई को जब 11 बजे बाहर निकाला गया , तो एटीएस की पकड़ में आने के बाद जेल में रखे गए धर्म विशेष के बंदियों ने उस पर हमला कर दिया। सुभाष का पहले जेल की डिस्पेंसरी में प्राथमिक इलाज किया गया। फिर देर शाम जेल प्रशासन ने उसे महात्मा गांधी अस्पताल भिजवाया। यहां उसका एक्सरे करवाया गया है। आशंका है कि उसके दो फ्रैक्चर हो सकते हैं। क्योंकि उसे बुरी तरह पीटा गया है और वह चल नहीं पा रहा।
आंतकी मामले में बंद वकार और उसके अन्य साथियों पर आरोप
सुभाष विश्नोई के जारी एक वीडियो में बताया गया कि एटीएस की ओर से रखे गए आंतकी वकार और उसके अन्य साथी वार्ड में ही रहते हैं। वो सभी लगातार उस पर धर्म परिवर्तन कर इस्लाम धर्म ग्रहण करने के लिए दबाव बना रहे हैं। सुभाष ने कहा- मैं हर बार उन्हें मना करता हूं।
लेकिन उन्होंने मुझे कई हिंदू धर्म विरोधी किताबें भी दीं। सुभाष के मुताबिक वो कैदी इस तरह धर्म परिवर्तन की कोशिश कई कैदियों के साथ कर रहे हैं। उसने बताया पिछले कई दिनों से वह इससे मानसिक रूप से परेशान हो चुका है। उसने जेलर से भी मौखिक शिकायत की और निवेदन किया था कि उसका वार्ड बदल दिया जाए। लेकिन जेलर ने कहा कि तुम्हारी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है, यह कहकर उसका वार्ड नहीं बदला गया।
3 दिन से शिकायत के लिए पेपर- पेन मांग रहा,लेकिन नहीं दिया जा रहा
कैदी सुभाष ने बताया कि 3 दिन से वह शिकायत दर्ज कराने के लिए सफेद पेपर और पेन मांग रहा है, लेकिन जेल में उसे पेपर-पेन नहीं दिया जा रहा। रविवार सुबह जब वह वार्ड से बाहर आया तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। सुभाष को हॉस्पिटल लेकर आए सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि उन्हें जेल के भीतर की घटना की कोई जानकारी नहीं है।