भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कोटपूतली थाने के सब-इंस्पेक्टर को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र यादव ने साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले के निस्तारण के नाम पर पीड़ित से 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। एसीबी की टीम ने आरोपी पुलिस अधिकारी से घूस की रकम बरामद कर ली है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
साइबर धोखाधड़ी का मामला था लंबित
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, कोटपूतली थाने में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा मामला निस्तारण के लिए लंबित चल रहा था। इसके निस्तारण के लिए आरोपी सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र यादव ने कथित तौर पर 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सत्यापन में शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ दबोचने के लिए विशेष कार्रवाई की।
पहले दिए 1,500 रुपये, फिर 3,500 लेते ही ACB का एक्शन
एसीबी कार्रवाई से एक दिन पहले शिकायतकर्ता द्वारा 1,500 रुपये दिए जा चुके थे। इसके बाद गुरुवार को एसीबी की टीम ने मौके पर जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र यादव को 3,500 रुपये की रिश्वत दी, वैसे ही एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी एसआई राजेंद्र यादव को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
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रिश्वत की रकम बरामद, आगे की कार्रवाई शुरू
एसीबी टीम ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर से रिश्वत की राशि बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीबी मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।