घटना की जानकारी देता बड़ा भाई।
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भरतपुर शहर के थाना सेवर इलाके के गांधीनगर में 33 केवी की विद्युत लाइन से करंट आने के कारण 12वीं क्लास के छात्र की मौत हो गई। कॉलोनी में 33 केवी की विद्युत लाइन को बदलवाने को लेकर कॉलोनी के लोगों ने करीब 16 लाख रुपये विद्युत विभाग में जमा करा दिए थे। फिर भी विद्युत विभाग ने विद्युत लाइनों को नहीं बदला, जिसका खामियाजा एक छात्र को भुगतना पड़ा।
भरतपुर शहर के सेवर थाना अंतर्गत गांधी नगर कॉलोनी में देर रात को तेज आंधी आई थी, जिसके चलते एक छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। गांधीनगर निवासी हाकिम सिंह का पुत्र योगेश (16) बीती शाम छत पर था। इस दौरान तेज आंधी-तूफान आया हुआ था। तभी मकान के ऊपर से जा रही 33 केवी विद्युत लाइन आपस में टकराकर टूट गई और छात्र योगेश के ऊपर आ गिरी। उसका बड़ा भाई डोरीलाल इस घटना को देख चिल्ला पड़ा। वह पड़ोसी की मोटरसाइकिल उठाकर अपने छोटे भाई योगेश को जिला आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पिता करते हैं मजदूरी चार भाई बहन हैं
मृतक योगेश के पिता हाकिम सिंह कोली गुड़गांव में मजदूरी करते हैं। दो भाई और दो बहने हैं। घटना के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है। उसकी दो बहनें और भाई और माता-पिता का रो-रो के बुरा हाल है
कॉलोनी के लोगों ने कहा विद्युत विभाग की है लापरवाही
वार्ड नंबर 11 से पार्षद प्रतिनिधि अनिल शर्मा ने बताया कि गांधीनगर कॉलोनी में 33 केवी विद्युत लाइन मकानों के ऊपर से गुजर रही है, जिसमें ज्यादा फासला नहीं है। इसको लेकर कॉलोनी के लोगों ने शहर विधायक और विद्युत विभाग को लिखित में दिया था। इसके बाद विद्युत विभाग ने विद्युत लाइनों को हटाने के लिए करीब 64 लाख का एस्टीमेट बताया। इसमें 25 प्रतिशत विधायक कोटे से दिया गया और 50 प्रतिशत विद्युत विभाग ने दिया। बाकी 16 लाख रुपये कॉलोनी के लोगों ने इकट्ठा करके दिसंबर के महीने में ही जमा करा दिए, लेकिन फिर भी विद्युत विभाग ने विद्युत लाइनें नहीं बदलीं। इस लापरवाही की वजह से 12वीं क्लास के छात्र को अपनी जान गंवानी पड़ी।