इधर, माहौल बिगड़ते ही नव वर्ष पर निकाली जा रही बाइक रैली को रद्द कर दिया गया है। आगजनी से अब तक लाखों रुपए के नुकसान की बात सामने आई है। करौली में बिगड़ते हालात को देखते हुए आईजी और विधायक लखन सिंह भी जयपुर से करौली के लिए रवाना हो गए हैं।
सीएम गहलोत बोले- उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डीजी पुलिस से बात कर घटना की जानकारी ली है। उन्होंने पुलिस को हर उपद्रवी से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाने रखने की अपील भी की है।
अस्पताल में भर्ती हिंसा में घायल लोग।
- फोटो : अमर उजाला
घायलों का कैराली के अस्पताल में चल रहा इलाज
बाइक रैली पर किए गए पथराव में रैली के साथ चल रहे चार पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं। इसके बाद शुरू हुई हिंसा में अब तक 43 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जयपुर रेफर किया गया है। उधर, सूत्रों का कहना है कि अस्पातल पहुंचे कुछ घायलों के शरीर पर चाकू से वार करने के निशान है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इस तरह की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
मौके पर पुलिसकर्मी तैनात।
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बड़ी संख्या में अफसर और पुलिसकर्मी तैनात
करौली में बिगड़े हालात काबू में करने के लिए प्रशासन की ओर से 50 पुलिस अधिकारी और 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। एडीजी संजीब नार्झरी, आईजी भरत मीणा, डीआईजी राहुल प्रकाश और एसपी मृदुल कछवाहा, आईजी भरतपुर प्रफुल कुमार खमेसरा और आईजी कानून व्यवस्था भरत मीणा मौके पर मौजूद हैं और हालात जल्द से जल्द काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक कानून व्यवस्था हवा सिंह घुमरिया भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। घुमरिया ने बताया कि अब तक हिंसा में शामिल करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
दोनों समुदाय ने एक दूसरे पर किया पथराव।
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आसमाजिक तत्वों के सामने पुलिस अफसल
उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर ने कहा कि बाइक रैली पर असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया पथराव और आगजनी की घटना पुलिस की अदूरदर्शिता और अकर्मण्यता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को रैली की जानकारी पहले से ही थी तो असामाजिक तत्वों को एकत्रित ही क्यों होने दिया गया? असामाजिक तत्वों के सामने पुलिस असफल हो गई है। धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
अपराधियों की जल्द से जल्द हो गिरफ्तारी: सतीश पूनियां
भापजा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि बाइक रैली पर समाज कंटकों द्वारा किए गए पूर्व नियोजित पथराव और आगज़नी की घटना से भारी जन आक्रोश है। ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की नीति है। अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी और उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों को कांग्रेस सरकार का संरक्षण मिला हुआ है।