ठेके पर कार्रवाई करती पुलिस टीम।
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श्रीगंगानगर जिले के गांव फतूही में एक शराब ठेके के मालिक के घर में नकली शराब की फैक्ट्री मिलने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी का शराब ठेका भी सीज कर दिया और शराब की बोतलें जब्त कर लीं। शराब फैक्ट्री में एक असली बोतल से तीन-चार नकली बोतलें बनाकर 2-5 हजार रुपये में बेची जा रही थीं।
13 नवंबर (गुरुवार) शाम को आबकारी निरोधक थाना (शहर और ग्रामीण) और आबकारी इंस्पेक्टर सिटी-ग्रामीण की संयुक्त टीम ने फतूही गांव में मुकेश भांभू के घर छापा मारा। वहां से शराब की बोतलों को खोलकर दोबारा पैक करने की मशीनें, 19,231 ढक्कन, 144 खाली बोतलें, अधे और पव्वे बरामद किए गए थे।
यह काम शहर के गोल बाजार में केदार चौक के पास चल रहे लाइसेंसी शराब ठेके का मालिक मुकेश भांभू कर रहा था। फतूही में बनाई गई मिलावटी और डुप्लीकेट शराब इसी ठेके पर लाकर बेची जा रही थी। छापे के बाद शुक्रवार को आबकारी विभाग ने गोल बाजार स्थित केदार चौक का ये शराब ठेका सीज कर दिया। ठेके में रखी सारी शराब जब्त कर ली गई।
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आबकारी अधिकारी एचआर राठौड़ ने बताया कि एक महंगी बोतल (2 से 5 हजार रुपये तक) को खोलकर उसमें मिलावट कर दो से चार बोतलें तैयार की जा रही थीं, फिर असली जैसी पैकिंग करके बाजार में सप्लाई की जा रही थी। आरोपी का लाइसेंस निरस्त कर शराब ठेके को सीज कर दिया गया है।
नकली शराब फैक्ट्री में महंगी शराब की एक बोतल से अनेक बोतल बनाकर शराब को वापस शराब की दुकानों में लाकर बेचा जाता था। साथ ही शादी समारोह, बर्थडे पार्टी, मैरिज एनिवर्सरी, सगाई आदि समारोह में एक साथ कई कार्टन की सेल बुक होने पर एक कार्टन में आधी असली और आधी नकली पैक की गई शराब की बोतलें डालकर दे दी जाती थीं। इससे खरीददार यह पकड़ ही नहीं पाते थे कि उनको बेची गई महंगी शराब असली है या नकली है।