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Pahalgam Terror Attack: संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस का खास ऑपरेशन, 7 दिन में 40 हजार लोगों से होगी पूछताछ

Sat, 03 May 2025 06:42 PM IST
श्री गंगानगर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर

सार

Pahalgam Attack: श्रीगंगानगर में संदिग्धों की पहचान के लिए जिला कलेक्टर के आदेश पर पुलिस ने खास ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत जिले में एक हफ्ते में बाहर से आने वाले 40 हजार लोगों के सत्यापन का लक्ष्य रखा गया है।
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पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के लिए एक हफ्ते में 40 हजार लोगों के सत्यापन का लक्ष्य रखा है - फोटो : AI Image- Freepik
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विस्तार
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पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के शहरों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी सिलसिले में श्रीगंगानगर में बाहर से आने लोगों का पुलिस सत्यापन करना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस को अंदेशा है कि यहां रहने वाले कई लोगों की पहचान जरूरी है। कलेक्टर के निर्देश अनुसार करीब 40 हजार लोगों का सत्यापन सात दिन में पुलिस को करना है। 

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जानकारी के मुताबिक, श्रीगंगानगर के हॉस्टल, पीजी, ढाबे, सराय और धर्मशालाओं में बाहर से आकर लोग रह रहे हैं। इनमें से कई लोगों की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लग रही हैं। इस वजह से कलेक्टर डॉ. मंजू ने सभी का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। 
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कलेक्टर डॉ. मंजू
जिला कलेक्टर डॉ. मंजू द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये कदम उठाया गया है। उन्होंने पूरे जिले में बाहरी व्यक्तियों के लिए पुलिस का चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। इसके अनुसार जिले में स्थित हॉस्टल, पीजी, ढाबे, सराय और धर्मशाला में बाहर से आकर रहने वाले को पुलिस का चरित्र सत्यापन प्राप्त करना होगा। इसी के बाद वह व्यक्ति जिले में रह सकता है। 

पुलिस के अनुसार श्रीगंगानगर में बाहर से आने वाले लोग विभिन्न तरह के कामों में लगे हुए हैं। पुलिस के अनुसार कई बार इनके आने का मकसद भी स्पष्ट नहीं हो रहा है। अब घरेलू नौकर, किरायेदार, विभिन्न कारखानों, ईंट-भट्ठों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों आदि पर आकर कार्य करने वालों को सत्यापन करवाना होगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों द्वारा इनका पुलिस चरित्र सत्यापन नहीं करवाया जा रहा था।

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दरअसल, इस लापरवाही को रोकने के लिए भी पुलिस ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने पर पुलिस प्रशासन अथवा उपखंड अधिकारी द्वारा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडित कराने की कार्रवाई की जाएगी। उक्त आदेश एक मई 2025 से जारी होकर दो महीने की अवधि तक प्रभावी रहेगा।

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