श्रीगंगानगर जिले का स्थापना दिवस-2025 हर्षाल्लास से मनाया गया। स्थापना दिवस के उपलक्ष में आयोजित तीन दिवसीय गंग महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को गंगासिंह चौक पर जिले के संस्थापक महाराजा श्री गंगासिंह को श्रद्धापूर्वक नमन कर पुष्पाजंलि दी। इसके बाद शिवपुर हैड पर हवन-यज्ञ कर पूजा-अर्चना की गई। सर्वधर्म प्रार्थना सभा में बालिकाओं ने जिले की खुशहाली के लिए प्रार्थना की जबकि अतिथियों द्वारा महाराजा गंगासिंह की स्मृति में बनाए म्यूजियम का अवलोकन किया गया। इस बीच पर्यटन विभाग की ओर से लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य और लोकगीतां की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
इससे पूर्व गंगासिंह चौक पर महाराजा गंगासिंह की प्रतिमा पर गंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी, कलक्टर डॉ. मंजू, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन सुभाष कुमार, एडीएम सतर्कता रीना, जिला परिषद सीईओ गिरधर, एसडीएम नयन गौतम, जल संसाधन विभाग के एसई धीरज चावला, एएसपी रघुवीर शर्मा, नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र यादव सहित अन्य द्वारा पुष्प अर्पित किए गए।
हवन, पूजा अर्चना व सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन
इसके बाद शिवपुर हैड पर हवन, पूजा अर्चना व सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। कलक्टर डॉ. मंजू ने हवन व पूजा-अर्चना की। सर्वधर्म प्रार्थना सभा में पंडित कृष्ण कुमार तिवाड़ी ने विधि विधान से हवन व पूजा अर्चना करवाई, जबकि बालिकाओं ने जिले की खुशहाली की कामना करते हुए सर्वधर्म प्रार्थना की।
इस मौके पर विधायक जयदीप बिहाणी, बलदेवसिंह बराड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन सुभाष कुमार, एडीएम सतर्कता रीना, जिला परिषद सीईओ गिरधर और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
सभी ने महाराजा गंगासिंह को नमन करते हुए हवन में पूर्णाहुति दी। इस दौरान दिवंगत श्री करणी सिंह राठौड़ को भी श्रृंदाजंलि दी गई। पूजा-अर्चना के पश्चात अतिथियों ने शिवपुर हैड स्थित गंगनहर में श्रीफल और पुष्प प्रवाहित किए। महाराजा गंगासिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के पश्चात अतिथियों ने पौधारोपण भी किया। अतिथियों द्वारा महाराजा गंगासिंह की स्मृति में बनाए म्यूजियम का अवलोकन किया गया। आयोजन के दौरान बच्चों ने झूलों और खेलों का आनंद उठाया।
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों को सराहा
स्थापना दिवस कार्यक्रम में पर्यटन विभाग की ओर से लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोकगीतों की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। आवो नी पधारो म्हारे देश से शुरूआत करते हुए लोक कलाकारों ने मोर बन आयो रसिया, सतरंगी राजस्थान सहित एक से बढ़कर एक लोकगीतों और लोक नृत्य की प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। मौके पर अतिथियों और उपस्थितजनों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
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राजस्थानी वेशभूषा में सजे-धजे कलाकारों और बहुरूपिया बने कलाकारां ने भी अतिथियों और ग्रामीणों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में मश्क वादन (रावला मंडी), कच्छी घोडी (निवाई टोंक), बैर नृत्य (बालोतरा-बाडमेर), राजस्थानी वेशभूषा में रौबीले कलाकार (बीकानेर), बहरूपिया स्वांग (चितौडगढ), सूफी बैंड/लंगा मांगणियार (बाडमेर), कालबेलिया (जोधपुर), चरकुला (बीकानेर), भवई (बाडमेर), पंजाबी भंगड़ा (श्रीगंगानगर) सहित अन्य कलाकारों द्वारा घूमर और चंग-डफ की प्रस्तुतियों से उपस्थितजनों का खूब मनोरंजन किया।
जिला परिषद, जिला उद्योग केन्द्र की राजीविका की ओर से ग्रामीण हाट में खिलौने, हैंडीक्राफ्टस और फूड स्टॉल्स लगाई गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंच संचालन राजेश सिडाना व अमृत लाल ने किया।
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