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मासूम से दरिंदगी पर बड़ा एक्शन: 19 गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो शेयर करने वालों पर पुलिस सख्त

Thu, 09 Jul 2026 04:21 PM IST
श्री गंगानगर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री गंगानगर

सार

श्रीगंगानगर में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस ने कहा है कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 19 गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले में 13 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं सोशल मीडिया पर पीड़िता से जुड़े भ्रामक और एडिट किए गए वीडियो प्रसारित करने के मामले में आईटी एक्ट के तहत एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की मौत, अस्पताल में रोते हुए या आरोपियों की सार्वजनिक पिटाई से जुड़े वायरल वीडियो इस मामले से संबंधित नहीं हैं और पूरी तरह फर्जी हैं।

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एडिशनल एसपी दीपक ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है। अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो पुराने हैं, जिन्हें इस मामले से जोड़कर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में पंजाब के एक युवक की पहचान कर उसके खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस के अनुसार पीड़िता सुरक्षित है, स्वस्थ है और अपने परिवार के साथ रह रही है। उसे मृत बताने वाली खबरें और वीडियो पूरी तरह भ्रामक हैं।

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अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन के किसी भी वीडियो या पोस्ट को शेयर अथवा फॉरवर्ड न करें। उन्होंने कहा कि अफवाहों से न केवल जांच प्रभावित होती है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है। साइबर टीम सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही है और फर्जी सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिवक्ताओं ने भी जताई नाराजगी
वरिष्ठ अधिवक्ता चरणदास कंबोज ने कहा कि इस मामले में आरोपियों की ओर से कोई निजी अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को कानूनी सहायता का अधिकार देता है। इस उद्देश्य से एक विशेष विधिक व्यवस्था के तहत अधिवक्ता की नियुक्ति की जाएगी। इधर राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार घटना 18 जून की है। आरोप है कि घर से लापता हुई 13 वर्षीय किशोरी को एक रिक्शा चालक होटल ले गया, जहां उसे अन्य लोगों के हवाले कर दिया गया। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने विभिन्न आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान होटल संचालकों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए।

विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन की कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद श्रीगंगानगर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। कांग्रेस, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एसपी कार्यालय और कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने अवैध रूप से संचालित होटलों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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