दरअसल, मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सिरोही जिले के बरलूट थाने के अंतर्गत लखमाराम नाम के व्यक्ति को हत्या के झूठे केस में फंसाने का मामला उठाया। उन्होंने इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रस्ताव रखा। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, 'अभियुक्त के आरोप पत्र को अदालत में दायर किया गया था। लिखमाराम की गिरफ्तारी के मामले में जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल के जवाब से असंतुष्ट विधायक लोढ़ा ने कहा, लिखमाराम को पट्टों से ठोक-ठोक कर मार दिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जिन्होंने एसओजी से जांच करवाई। जल्द से जल्द पीड़ित पक्ष को मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। मंत्री धारीवाल ने सदन में बताया कि इस मामले में जांच एसपी के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिकारी की रिपोर्ट जांच के घेरे में है। आपने (विधायक लोढ़ा) तो इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। मंत्री धारीवाल ने कहा कि अगले सात दिन में मामले की जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार भूल-चूक में गलत काम हो जाता हैं। जांच पूरी होने पर दोषी अधकारियों पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।