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Rajasthan Vidhan Sabha: सीएम के सलाहकार ने वेल में आकर लगाए नारे, विस अध्यक्ष ने मार्शल बुलाकर निकलवाया बाहर 

Tue, 15 Mar 2022 04:18 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सिरोही के बरलूट थाने इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति को हत्या के झूठे केस में फंसाने का मामला उठाया। मंत्री शांति धारीवाल के जबाव से लोढ़ा संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। 
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विधायक संयम लोढ़ा। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विधानसभा में मंगलवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार विधायक संयम लोढ़ा ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने वेल में आकर पुलिस के खिलाफ गुंडागर्दी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। काफी प्रयास के बाद लोढ़ा शांत नहीं हुए तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी नाराज हो गए। उन्होंने मार्शल बुलाकर विधायक लोढ़ा को सदन से बाहर निकालवा दिया। जानकारों का कहना है कि किसी सीएम के सलाहकार को सदन से बाहर निकालने का यह अपने आप में पहला मामला है।  

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निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि अगर गंभीर मामलों में भी सदन में कार्रवाई का एलान नहीं होगा तो फिर लोगों को न्याय कहां मिलेगा? उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। विधायक के प्रस्ताव पर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने जवाब दिया, लेकिन लोढ़ा संतुष्ट नहीं हुए, इसके बाद उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। 
 

हत्या के झूठे केस में फंसाने का मामला 

दरअसल, मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सिरोही जिले के बरलूट थाने के अंतर्गत लखमाराम नाम के व्यक्ति को हत्या के झूठे केस में फंसाने का मामला उठाया। उन्होंने इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रस्ताव रखा। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, 'अभियुक्त के आरोप पत्र को अदालत में दायर किया गया था। लिखमाराम की गिरफ्तारी के मामले में जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

 
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मंत्री बोले-कई बार भूल से भी गलत काम हो जाते हैं

संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल के जवाब से असंतुष्ट विधायक लोढ़ा ने कहा, लिखमाराम को पट्टों से ठोक-ठोक कर मार दिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जिन्होंने एसओजी से जांच करवाई। जल्द से जल्द पीड़ित पक्ष को मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। मंत्री धारीवाल ने सदन में बताया कि इस मामले में जांच एसपी के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिकारी की रिपोर्ट जांच के घेरे में है। आपने (विधायक लोढ़ा) तो इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। मंत्री धारीवाल ने कहा कि अगले सात दिन में मामले की जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार भूल-चूक में गलत काम हो जाता हैं। जांच पूरी होने पर दोषी अधकारियों पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।
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