यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी ने राजस्थान में चुनावी सभा के दौरान जनता से कहा कि यदि विपक्ष वाले नेता आएं, तो उनसे जरूर पूछना कि उनके शासन काल में उन्होंने क्या किए।
जब उन नेताओं से यह पूछेंगे, तो उनके पास जवाब नहीं होगा। सोनिया ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कामों को क्रांतिकारी कहा।
सोनिया ने बुधवार को सीकर में हुई सभा में केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष जब सत्ता में थी, दोनों के कामों की तुलना करेंगे, तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्षी दलों को भी सत्ता में आने का मौका दिया है, लेकिन उन्होंने उल्लेखनीय काम नहीं किया।
कांग्रेस ने हमेशा ही जनता, खासकर गरीब के लिए दिन-रात काम किया है। कांग्रेस ने हमेशा समाज को एकजुट रखने का प्रयास किया है, जबकि विपक्षी पार्टी ने लोगों को बांटने की राजनीति की है।
उन्होंने जहां केन्द्र सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना, आदिवासियों को जमीन और वन उपज का अधिकार, महिलाओं को ग्राम पंचायतों में आरक्षण और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का बखान किया, वहीं गहलोत सरकार की नि:शुल्क दवा व जांच योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजाना आदि की भी जमकर तारीफ की।
डर्टी पॉलिटिक्स से चुनाव प्रभावित नहीं होता- जेटली
इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने पैसे लेकर टिकट देने के आरोपों पर जयपुर में कहा कि चुनाव प्रचार में स्तरहीन आरोप संसदीय लोकतंत्र में निन्दनीय है।
डर्टी पॉलटिक्स से चुनाव प्रभावित नहीं होता, लेकिन हार का पहला संकेत होता है।
उन्होंने कहा कि मिजोरम में जीत का दावा नहीं करते, लेकिन शेष चार राज्यों में विधानसभा चुनाव के परिणाम आगामी साल होने वाले लोकसभा चुनाव का एजेंडा तय करेंगे।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी हम सब के मार्गदर्शक और वरिष्ठ नेता है। जेटली ने कहा कि देश में कांग्रेस के विरोध में लहर चल रही है और इसका असर राजस्थान के चुनाव पर भी पडे बिना नही रहेगा।