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सोनम के परिवार का दर्द, 'हेमा मालिनी की इतनी छोटी सोच'

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भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी की कार से हुई ज़बरदस्त टक्कर के बाद अपनी दो साल की मासूम बेटी को खोने वाले हनुमान खंडेलवाल अब पहले से बेहतर हैं। लेकिन दुर्घटना को लेकर हेमा मालिनी के ट्वीट से वे आहत नज़र आते हैं।
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उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, “मेरी तरफ से कोई चूक नहीं हुई, मैं ज़ीरो स्पीड पर था, रोड देखकर क्रॉस किया है। सब बता रहे हैं कि उनकी स्पीड 150-60 की थी। आंधी की तरह उनकी गाडी आकर टकरा गई।”

हेमा मालिनी ने ट्विटर पर लिखा है, “मेरा दिल उस बच्ची के लिए पसीज रहा है जिसकी बेवजह जान चली गई और उसके परिवार के लोग घायल हो गए। काश के उस बच्ची के पिता ने ट्रैफ़िक नियमों को माना होता तो ये दुर्घटना नहीं होती और बच्ची की जान नहीं जाती।”
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मीडिया पर टिप्पणी करते हुए हेमा मालिनी ने लिखा, “सनसनीखेज़ मीडिया और कुछ लोगों ने खुले आम मुझ पर तोहमत लगाई जब मैं खुद लाचार थी और गहरे सदमे में थी। वे कितने गिर गए, उन्हें मैं यही कहूँगी, शर्म करो, गॉड ब्लेस।” इस समय जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में हनुमान खंडेवाल और उनका परिवार भर्ती है।

मुंबई में जाकर क्यों बोल रही हैं हेमा?

दो जून को राजस्थान के दौसा में हुए हादसे में हनुमान खंडेवाल की बेटी की मौत हो गई थी, उन्हें और उनके परिजनों को भी चोटें आई थी। हेमा मालिनी को भी चेहरे पर चोट लगी थी। हनुमान खंडेलवाल ने कहा कि हेमा मालिनी जयपुर में भी तब भी कुछ कह सकती थीं?

अब मुंबई जाकर इस तरह का ट्वीट क्यों कर रहीं हैं? समझ नहीं आता। उन्होंने कहा, “अपने बचाव में कई बातें कह रही हैं, वकीलों ने समझाया होगा, सो ठीक है। पर सांसद और ज़िम्मेदार जन प्रतिनिधि होते हुए इतनी छोटी सोच? हमें और परिवार को बहुत दुःख हुआ है।”

उनकी माँ रामरती अपनी पोती यानी हनुमान की बेटी चिन्नी के अंतिम संस्कार के बाद जयपुर आ गई थीं। वे सवाई मान सिंह अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती अपने बेटे, बहू शिखा, और पोते सौम्य की देखभाल कर रही हैं।

अस्पताल में उनके परिवार का इलाज ठीक तरह से हो रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं भी परिवार का हाल पूछने आई थीं, लेकिन अभी तक सरकार या हेमा मालिनी की तरफ से उन्हें कोई आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की गई है।
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घर में नहीं कोई कमाने वाला, सता रही परिवार की चिंता

हनुमान की साइकिल की दुकान है और उनके अलावा घर में और कोई कमाने वाला सदस्य नहीं है। उन्हें अस्पताल से तो शायद जल्दी ही छुट्टी मिल जाएगी, लेकिन अभी 2-3 महीने उन्हें बिस्तर पर आराम करना पड़ेगा। बेटा पहले से बेहतर है लेकिन पत्नी को ठीक होने में काफ़ी समय लगेगा।

उनकी माँ कहती हैं, “सरकार करे या ना करे, हेमा मालिनी जी तो मदद कर ही सकती थीं। लेकिन पता नहीं उनके मन में क्या चल रहा है, यह तो वहीं जानें? वो एक बार संपर्क तो कर सकती थीं। मैं किस तरह भाग दौड़ करुँगी, मज़दूरी करुँगी और अपने बहू बेटे को वापस खड़ा करुँगी, मुझे तो सब असंभव लग रहा है।”

उन्होंने बहू को चिन्नी बेटी के मरने के बारे में बुधवार को ही बताया है क्योंकि वो बार-बार पूछती थीं कि अस्पताल से सबको छुट्टी एकसाथ मिलेगी ना? वो कहती हैं- यहाँ इसलिए बताया कि यहाँ तो सब संभाल लेंगे, घर जाकर यह ख़बर सुनाने पर मुश्किल होती।
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