राजस्थान में संघ का चक्का जाम कार्यक्रम बृहस्पतिवार को होकर रहेगा। भाजपा सरकार की ओर से किए गए बुधवार को सभी प्रयास नाकाम हो गए।
संघ के चक्का जाम कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक, दो घंटे जयपुर में वाहन नहीं दौड़ेंगे। हालांकि एम्बूलेंस, पुलिस सहित सभी जरूरी सेवाओं को जाम के दायरे से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के चक्का जाम रोकने के प्रयास काम नहीं आए।
जयपुर में मेट्रो और यातायात सुगम बनाने के नाम पर पिछले दो वर्ष में 65 मंदिर तोड़े गए हैं। इनमें 250 साल पुराने मंदिर भी शामिल हैं। राजे की ओर से संघ को समझाइश के लिए मंत्री अरुण चतुर्वेदी, प्रभारी वी. सतीश, परनामी सहित कुछ नेता जाम को टालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन संघ अड़ा हुआ है।
जरूरी सेवाओं को रखा दायरे से बाहर
मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक बद्री नारायण चौधरी ने कहा कि मंदिर हटाने को लेकर जो भी कार्रवाई हुई है, उसने आपातकाल की याद दिला दी है। समिति में संघ और कई हिन्दुवादी संगठन साथ हैं। विधायकों व पार्षदों पर संघ का कोई दबाव नहीं है कि वे हमारे साथ आए या नहीं। ये निर्णय उनका ही रहेगा।
उन्होंने अपील की कि सभी अपने जरूरी काम सुबह 9 बजे से पहले या 11 बजे बाद निपटाएं। चौधरी ने बताया कि यदि संघ विरोध नहीं जताता, तो अभी 22 और मंदिर तोड़ने की तैयारी थी।
संघ की आलोचना भी
हालांकि संघ को भी आलोचना सहनी पड़ रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इतने महीनों बाद अचानक मंदिरों की याद क्यों आई? जब टूट रहे थे और कार्यकार्ता विरोध कर रहे थे, तब संघ ने साथ नहीं दिया।
खुलकर उतरे कुछ विधायक
कुछ भाजपा विधायक भी इस मामले में खुलकर सरकार के खिलाफ उतर आए हैं। इनमें जयपुर के विधायक घनश्याम तिवाड़ी और नरपत सिंह राजवी शामिल हैं। दोनों विधायकों ने संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दे दिया है कि उनके क्षेत्र में चक्का जाम पूरी तरह सफल रहेगा।
अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी झेल रही सरकार अपने बचाव के लिए कुछ अधिकारियों पर गाज गिरा सकती है। मंदिर हटाने के मामले में जिला कलक्टर कृष्ण कुणाल, जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त शिखर अग्रवाल तथा जयपुर मेट्रो के निदेशक निहालचंद गोयल की मुख्य भूमिका रही है। इन अधिकारियों को मुख्यमंत्री की नाराजगी भी झेलनी पड़ी है।
कांग्रेस की खिंचाई का मंत्री ने किया बचाव
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संघ के नेता अब घडिय़ाली आंसू बहा रहे है। चक्काजाम बीजेपी के लिए एक धब्बा है। अगर कांग्रेस राज में मंदिर टूटते तो ये लोग दंगे भड़काते, लेकिन अब कुछ नहीं कर रहे है।
इधर, नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासन में हटाए मंदिरो को देखना चाहिए। गहलोत सरकार में 32 मंदिरों को हटाया गया था, लेकिन अब उनको राम याद आए हैं।