राजस्थान के बीकानेर केन्द्रीय कारागृह में कैदियों के बीच गैंगवार हुई। इस खूंनी संघर्ष में पहले गोली चलने से एक कैदी की मौत हो गई फिर दूसरे गुट ने इसके जवाब में दो कैदियों को पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस ने पांच जनों को हिरासत में लिया है।
राज्य सरकार ने जेल अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह शेखावत को निलम्बित कर दिया है।
गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने राजस्थान विधानसभा में जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) से करवाने के लिए कहा, लेकिन नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने सीबीआई से जांच करवाने की मांग की।
सूत्रों के अनुसार गैंगवार का कारण प्रदेश में लिकर किंग बनाने का सपना था। शराब माफिया दारिया उर्फ दारासिंह की मौत के बाद से शुरू हुई लिकर किंग बनने की होड़ छिड़ी हुई है।
विधानसभा में मामले की गूंज
मरने वाले कैदी बलवीर सिंह उर्फ बानूड़ा, जयप्रकाश जाट और रामपाल हैं। आनंदपाल गुट के जयप्रकाश ने बलवीर को गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई।
बलवीर के गुट ने जयप्रकाश और रामपाल को पीट-पीटकर मार डाला। फायरिंग में आनंदपाल भी जख्मी हो गया, जिसे जयपुर के सवाईमान सिंह अस्पताल में भर्ती करवाया है। सुरक्षा के लिहाज से एसएमएस अस्पताल में पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था भी की गई है।
इधर, बानूडा का शव सीकर स्थित उसके गांव बानूडा ले जाने पर तनाव फैल गया, गांववालों ने पुलिस पथराव किया और पुलिस की जीप जला दी।
बीकानेर जेल में चोरी-छिपे भीतर आए हथियारों के पहुंचने से हुए इस खूंनी संघर्ष को लेकर सरकार ने अन्य जेलों की तलाशी लेने के आदेश जारी कर दिए। अजमेर जेल में भी तलाशी हुई, जिसमें सिमकार्ड व अन्य आपत्तिजनक सामान मिला है।