पर्यटन स्थल के तौर पर राजस्थान का नाम अब दुनिया में और मशहूर होगा। जयपुर के जंतर मंतर के बाद यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में राजस्थान के छह पहाड़ी किलों को शामिल किया गया है।
इन किलों में आमेर, जैसलमेर, गागरोन, चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़ और रणथंभौर किलों को चयनित किया गया है।
इनका चयन कंबोडिया के नोमपेन्ह शहर में यूनेस्को की विश्व विरासत संबंधी वैश्विक समिति की शुक्रवार को हुई 37वीं बैठक में किया गया।
राजस्थान की पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री बीना काक ने बताया कि इन किलों का चयन राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिणाम हैं। इस चयन से प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर और स्मारकों को विश्व स्तर पर पहचान मिली है।
वर्ष 2010 में जंतर मंतर को विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया था, तभी से राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे कि प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण किलों एवं स्मारकों को भी इस सूची में शामिल किया जाए।
बीना काक बताया कि आभानेरी, बांदीकुई, बूंदी के स्टेपवेल्स तथा शेखावाटी की प्रकेस्को पेटिंग्स को भी यूनेस्को की सूची में शामिल करने के प्रयास शुरु कर दिए गए हैं।