सिरोही के आबूरोड शहर पुलिस एवं डीएसटी द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई के दौरान मानपुर हवाई पट्टी से दक्षिण अफ्रीका से चोरी हुए दो पैराशूट रीग कंटेनर जब्त किए गए हैं। प्रत्येक पैराशूट रीग कंटेनर की कीमत 40 लाख से एक करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल प्रकरण में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। संबंधित अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार तथा आबूरोड वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह के सुपरविजन में आबूरोड शहर पुलिस थानाधिकारी हरचंदराम देवासी और डीएसटी टीम प्रभारी अमराराम की अगुवाई में टीम ने दक्षिण अफ्रीका से चोरी हुए दो पैराशूट रीग कंटेनर जब्त किए हैं।
नहीं मिले वैध स्वामित्व के दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, मैक्सन एविएशन कंपनी, मानपुर आबूरोड द्वारा एयर स्काई डाइविंग के दौरान उपयोग में लिए जाने वाले पैराशूट रीग कंटेनरों को चेक करने पर एयर स्काई डाइविंग संचालक दिनेश के तथाकथित स्वामित्व में ये दो पैराशूट रीग कंटेनर संदिग्ध मिले। इन दोनों कंटेनरों के संबंध में दिनेश कुमार से वैध दस्तावेज मांगे गए, जो उसके पास नहीं मिले। पूछताछ के दौरान दिनेश ने बताया कि उसने एक पैराशूट दक्षिण अफ्रीका और दूसरा ऑस्ट्रेलिया से लेकर आया था। दिनेश ने पूर्व में थाईलैंड, रूस, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका गणराज्य और न्यूजीलैंड में अलग-अलग जगहों पर एयर स्काई डाइविंग में कार्य करने के बारे में भी जानकारी दी।
उसके पास इन दोनों पैराशूटों के कोई वैध दस्तावेज, बिल, इकरार वगैरह नहीं होने से इनके संदिग्ध एवं चोरी के होने की आशंका पाई गई। इसके बाद दोनों पैराशूटों को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त कर जांच शुरू की गई है।
इंटरपोल सहित विभिन्न स्तर पर संबंधित एजेंसियों से साधा जा रहा संपर्क
पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकृति को देखते हुए सिरोही पुलिस द्वारा इंटरपोल, दक्षिण अफ्रीका के संबंधित अधिकारियों तथा भारत के विदेश मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्रकरण में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा संबंधित अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।