किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से फॉर्मर रजिस्ट्री प्रोजेक्ट के तहत कल से जिले में रजिस्ट्रेशन शुरू होने जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को डिजिटल फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी कृषि भूमि, फसल उत्पादन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी।
जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने बताया कि 5 से 7 फरवरी तक जिले की विभिन्न तहसीलों में चरणबद्ध शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य लाभों से सीधे जुड़ सकेंगे।
पहले चरण में शिविर इन जगहों पर होंगे-
सिरोही तहसील – वराडा
आबूरोड तहसील – मूंगथला
शिवगंज तहसील – वाण
पिंडवाड़ा तहसील – वीरवाड़ा
देलदर तहसील – आमथला
इस योजना के सुचारू संचालन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के वीसी हॉल में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को शिविरों के प्रचार-प्रसार और 100% पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
फार्मर रजिस्ट्री, एग्रीस्टैक डिजिटल एग्रीकल्चर परियोजना का अहम हिस्सा है, जिसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके तहत हर किसान को 11 अंकों की विशिष्ट डिजिटल आईडी दी जाएगी, जिसमें उनकी कृषि भूमि का पूरा विवरण होगा और इसे आधार से जोड़ा जाएगा। इस डिजिटल आईडी से सरकार के पास किसानों की भूमि, फसल उत्पादन और कृषि गतिविधियों का रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा, जिससे नीति निर्माण में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अभियान के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कृषि क्षेत्र को और अधिक उन्नत और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की इस पहल से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा और वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।