जिले में कृषि मंडी समिति सचिव रजनीश सिंह की अध्यक्षता में किसानों एवं उद्यमियों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें उन्हें सिरोही जिले में निजी सहयोग से इसबगोल के प्लांट स्थापित करने पर प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य योजना अंतर्गत मिलने वाले लाभ एवं अनुदान के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही योजना को लेकर उपयोगी एवं महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
समिति सचिव ने कहा कि बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के अनुसार सिरोही में इसबगोल के प्रोसेसिंग प्लांट निजी क्षेत्र के सहयोग से स्थापित किए जाने हैं। इस संबंध में इसबगोल की प्लांट स्थापना में कच्चा माल कहां से और कैसे प्राप्त होगा, प्रोसेंसिंग के लिए मशीनरी कहां से प्राप्त होगी, उसकी लागत लगभग कितनी होगी, ईसबगोल का रूप परिवर्तन कर कहां-कहां विक्रय किया जा सकता है, ईसबगोल का प्रोसेसिंग कर मूल्य वृद्धि कैसे की जा सकती है, राज्य सरकार इसमें किस प्रकार की मदद कर सकती है आदि पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई।
समिति सचिव के अनुसार इसबगोल की पैदावार जिले के सिरोही व शिवगंज तहसील एवं जालौर, भीनमाल, बाड़मेर, जैसलमेर आदि शहरों में होती है। उन्होंने बताया कि कच्चा माल और मशीन के साथ कुल मिलाकर यूनिट स्थापना में लगभग 45 से 65 लाख रुपये खर्च होगें। मशीन की कोटेशन व संपर्क सूत्र ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यूनिट की स्थापना में विभाग द्वारा नियमानुसार अनुदान दिया जाएगा और यूनिट स्थापना की कार्रवाई में कार्यालय मार्गदर्शक सहायतार्थ उपलब्ध रहेगा।
समिति सचिव ने बताया कि पहले से संचालित उद्योग में बढ़ोतरी व नए उद्योग स्थापित किए जाने के लिए भारत सरकार की योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के अंतर्गत लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख तक का अनुदान प्राप्त किया जा सकता है। कृषि कार्य करते हुए किसानों के साथ हुई दुर्घटनाओं पर राज्य सरकार द्वारा संचालित सहायता योजना के अंतर्गत पृथक-पृथक सहायता राशि प्राप्त की जा सकती है, जो कि 2 लाख से 10 हजार तक की है। किसानों को अपनी उपज की अच्छी कीमत प्राप्त हो इसके लिए उन्हें अपनी उपज की छनाई, सफाई कर मंडियों में ही विक्रय करने और मंडी से मिलने वाले फायदों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही ई-नाम पोर्टल के माध्यम से व्यापार करने के बारे में भी बताया गया।