नाबालिग बालिका को रेलवे सुरक्षा बलकर्मियों ने पकड़ा।
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आबूरोड रेलवे सुरक्षा बल ने लखनऊ-अहमदाबाद एक्सप्रेस में सफर कर रही एक नाबालिग बालिका को 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' अभियान के तहत सुरक्षित बचाया। बालिका घर से बिना बताए निकली थी और आबूरोड स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पकड़ी गई। पूछताछ के बाद परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद बालिका का मेडिकल करवाकर उसे बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया गया।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते अभियान के तहत आबूरोड रेलवे सुरक्षा बल को मिली सूचना के आधार पर लखनऊ-अहमदाबाद एक्सप्रेस के आबूरोड स्टेशन पहुंचने पर कांस्टेबल कृष्ण कुमार एवं महिला कांस्टेबल कमलेश पहुंचे। ऑन ड्यूटी टीटी बीड़ी मारू द्वारा ए-1 कोच में सफर कर रही नाबालिग बालिका को सुपुर्द किया गया। इस पर बालिका को उतारकर आबूरोड स्टेशन के वेटिंग हॉल लाया गया। यहां पूछताछ के दौरान उसने अपना परिचय भौंसी, पोस्ट खजरून, तहसील महाराजगंज जिला रायबरेली, उत्तरप्रदेश निवासी राजरानी (खुशी) पुत्री बेचलाल के रूप में दिया। नाबालिग बालिका ने बताया कि वह घर से बिना बताए निकली है। ट्रेन में सवार होकर यहां तक आ गई है। इसके बाद नाबालिग बालिका के परिजनों को सूचना देकर बुलाने का प्रयास किया गया। परिजनों के न आने पर बालिका का मेडिकल करवाकर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया।
रेलवे सुरक्षा बल आबूरोड पोस्ट प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत विशेष अभियान चला रखा है। इसके तहत ट्रेनों में गश्त के दौरान घर से बिना बताए निकले एवं ट्रेनों तथा स्टेशन पर लावारिस हालत में मिलने वाले बच्चों को संरक्षण में लेकर समझाईस कर परिजनों को सुपुर्द किया जाता है। परिजनों के नहीं आने पर बाल कल्याण समिति को सौंपा जाता है। इस दौरान बच्चों को समझाईस कर उनके स्वास्थ्य की मेडिकल जांच भी कारवाई जाती है।