हिल स्टेशन माउंटआबू में गुरुवार देर शाम को एक साथ छह भालुओं का मूवमेंट नजर आया है। इस दौरान ये भालू करीब 15 मिनट तक अधरदेवी मंदिर के पास पहाड़ियों पर अठखेलियां कर रहे हैं। इसके बाद फिर जंगल की ओर चले गए। वैसे तो माउंटआबू में भालुओं का आबादी क्षेत्र में आए दिन मूवमेंट होता रहता है, लेकिन गुरुवार देर शाम को अधरदेवी मंदिर के पास पहाड़ियों पर एक दो नहीं एक साथ करीब छह भालू बैखौफ होकर घूमते हुए नजर आए। इस दौरान एक मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ अठखेलियां भी कर रही थीं। इसी समय जंगल की ओर से चार भालुओं का एक ओर झुंड वहां आ गया। आसपास के क्षेत्र में घूमने और धमाचौकड़ी के बाद ये भालू फिर जंगल की ओर चले गए।
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भोजन की तलाश में आबादी क्षेत्रों के आते हैं भालू
इस मामले में वन्यजीव प्रेमियों का कहना है वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी से माउंटआबू भी अछूता नहीं है। इस समय जंगल में भालू के प्राकृतिक भोजन के स्रोत, जैसे कि पेड़, पौधे और पानी कम हो जाता हैं। इसलिए, वे आबादी वाले क्षेत्रों में भोजन के स्रोतों की कूड़ेदान, होटल और रेस्टोरेंट के आसपास तलाश करते हैं। इससे भालुओं का आबादी क्षेत्रों में विचरण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही बीते सालों में माउंटआबू में भालुओं की आबादी भी बढ़ रही है।
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जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही भी है जिम्मेदार
माउंटआबू में काफी बड़ा वन क्षेत्र है। इसकी देखरेख का जिम्मा वन विभाग के पास है, लेकिन हालत यह है कि विभागीय अधिकारी वन्यजीवों के पीने के लिए बनाए गए पानी के हौदियों और टंकियों को भी भरवाने के मामले में ओपचारिक खानापूर्ति करने में लगे हुए है। इसके साथ ही जगल में गर्मियों के दौरान हर बार आग लगने की घटनाएं होती है इसमें वन क्षेत्र एवं वन्य जीवों को खासा नुकसान होते है। ऐसे में ये आबादी क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं।