कचरा पात्र खरीद घोटाले में तत्कालीन ईओ निलंबित
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आबूरोड नगर पालिका में कचरा पात्र खरीद में कथित अनियमितताओं के मामले में स्वायत्त शासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी (ईओ) रामकिशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वर्तमान में रामकिशोर पीपाड़ सिटी नगर पालिका में पदस्थापित हैं।
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आबूरोड नगर पालिका में कचरा पात्र खरीद में अनियमितता के मामले में रामकिशोर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित है। इसी के तहत राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) के अंतर्गत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय स्थानीय निकाय विभाग निदेशालय, जयपुर रहेगा। वहीं नियमानुसार देय जीवन-निर्वाह भत्ते का भुगतान नगर पालिका पीपाड़ सिटी द्वारा किया जाएगा।
पूर्व पार्षद की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
इस मामले की शुरुआत आबूरोड के पूर्व पार्षद शमशाद अली अब्बासी द्वारा विधानसभा याचिका समिति में दर्ज कराई गई शिकायतों से हुई थी। शिकायत में पूर्व नगर पालिका बोर्ड के कार्यकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कई मामलों को उठाया गया था।
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इनमें रेवदर रोड पर अस्पताल निर्माण के लिए कथित रूप से नियमों के विरुद्ध भू-उपयोग परिवर्तन एवं निर्माण स्वीकृति, कचरा पात्र खरीद में अनियमितता, सीसीटीवी कैमरा कार्य में कथित गड़बड़ी, महावीर टॉकीज क्षेत्र में विद्यालय संचालित होने के बावजूद आवासीय निर्माण स्वीकृति तथा टेंडर प्रक्रिया के बजाय कोटेशन के माध्यम से विद्युत सामग्री खरीद जैसे आरोप शामिल थे।
जांच में कई लोग दोषी
विधानसभा याचिका समिति के निर्देश पर क्षेत्रीय स्थानीय निकाय विभाग, जोधपुर के उपनिदेशक के माध्यम से मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी रामकिशोर, तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मगनदान चारण तथा पालिका कर्मी जसवंत मेघवाल और प्रवीण सिंह चारण को संबंधित मामलों में दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने रामकिशोर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।