ब्रह्माकुमारी संस्थान के आबूरोड स्थित संगम भवन में आज से 7 दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत हुई। यहां शिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में शिवरात्रि महोत्सव का पहला कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ब्रह्माकुमारीज संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती, अतिरिक्त महासचिव बीके करुणा, बीके मृत्युंजय एवं बीके मोहन सिंघल समेत कई लोगों ने शिव ध्वज फहराकर महोत्सव का शुभारंभ किया।
राजयेागिनी बीके जयंती ने इस अवसर पर कहा कि शिवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में आए अज्ञान अंधकार को मिटाने का पर्व है। परमात्मा शिव का ध्यान करने से जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। यह शिव के अवतरण का त्योहार परमात्मा के आने का पर्व है। जब हम परमात्मा का ध्यान करते हैं तो आसुरी प्रवृत्तियों का नाश होता है।
ब्रह्माकुमारी संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके करुणा तथा बीके मृत्युंजय ने कहा कि शिवरात्रि का पर्व ब्रह्माकुमारी संस्थान का सबसे बड़ा त्योहार है क्योंकि इस संस्थान की स्थापना परमात्मा शिव ने की है। हम सुबह से लेकर रात्रि तक सिर्फ परमात्मा शिव के सहारे चलते हैं। जब हम परमात्मा पर सबकुछ अर्पण करते हैं तो परमात्मा हमारी हर बात को सुनता है। वह हर भूमिका में हमारे साथ होता है। इसलिए शिवरात्रि पर्व पर हम अपनी बुराइयों को अर्पण करें तो हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
इस दौरान वैज्ञानिक एवं अभियन्ता प्रभाग के अध्यक्ष बीके मोहन सिंघल, लंदन से आई बीके जेमिनी, बीके हंसा तथा बीके कविता ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर बीके सोमशेखर, बीके देव, बीके निर्मल, बीके देव एवं बीके श्यामसुन्दर आदि कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिवध्वज फहराकर तथा केक काटकर शिवरात्रि का पर्व मनाया गया।
एक सप्ताह तक चलेगा कार्यक्रम
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा एक सप्ताह तक शिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान यहां विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें पांडव भवन, ज्ञान सरोवर, पीस पार्क, ग्लोबल हास्पिटल, ट्रॉमा सेन्टर, मनमोहिनी वन, आनन्द सरोवर, मानसरोवर आदि जगहों पर शिव ध्वज फहराया जाएगा।