सार
सिरोही में पुलिस ने नेशनल हाईवे-62 पर पीछा कर ऑयल टैंकर को रुकवाया। तलाशी में 147 कट्टों से 2,947 किलो 100 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। करीब 4.42 करोड़ रुपये की खेप के साथ जोधपुर का चालक गिरफ्तार किया गया।
सिरोही पुलिस ने ऑयल टैंकर की आड़ में मादक पदार्थों की बड़ी खेप ले जाने की कोशिश नाकाम कर दी। नेशनल हाईवे-62 पर पुलिस की नाकाबंदी देखकर चालक ने टैंकर रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और नया सानवाड़ा की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर टैंकर को घेरकर रुकवा लिया। तलाशी के दौरान टैंकर से प्लास्टिक के 147 कट्टों में भरा 2,947 किलो 100 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया गया। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 4.42 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने टैंकर चालक शुभम चौहान (26) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को पिंडवाड़ा थाना पुलिस ने वीरवाड़ा कट के पास नेशनल हाईवे-62 पर नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने वहां से गुजर रहे टैंकर चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से नया सानवाड़ा की तरफ दौड़ा दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने टैंकर का पीछा शुरू किया। कांस्टेबल अभयसिंह और लोकेश कुमार भी टीम के साथ पीछा करते हुए पहुंचे। पुलिस ने नया सानवाड़ा के पास हाईवे पर टैंकर को घेरकर रुकवा लिया।
पढ़ें: मां ने दो मासूम बच्चों पर कैंची से किए वार, फिर खुद को किया घायल; तीनों की मौत
यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेयसिंह राठौड़ के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार और पिंडवाड़ा वृत्ताधिकारी राहुल कुमार के सुपरविजन में थानाधिकारी चैलसिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
टैंकर में मिले डोडा पोस्त के 147 कट्टे
टैंकर को सड़क किनारे रुकवाकर तलाशी ली गई तो उसके अंदर प्लास्टिक के 147 कट्टे मिले। इनका कुल वजन 2,947 किलो 100 ग्राम पाया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ की खेप जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डोडा पोस्त मध्यप्रदेश के मंदसौर से भरकर जोधपुर ले जाया जा रहा था।
तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम चौहान पुत्र कैलाश चौहान, निवासी प्रतापनगर थाना क्षेत्र, जोधपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थ की इतनी बड़ी खेप किसे पहुंचाई जानी थी और तस्करी के इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।