सिरोही के आबूरोड में स्कूली बालवाहिनियों की सुरक्षा और नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए बुधवार सुबह संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। उपखंड अधिकारी शंकरलाल मीणा की अगुवाई में परिवहन एवं शिक्षा विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। इस दौरान कुल 12 स्कूल बसों और एक ऑटो की जांच की गई, जिनमें से दो बसों में जीपीएस कैमरा सिस्टम नहीं पाया गया।
जिला कलेक्टर के आदेश पर हुई संयुक्त कार्रवाई
यह कार्रवाई जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी के निर्देशों के पालन में की गई। सुबह 7:30 से 9 बजे तक चली इस जांच में उपखंड अधिकारी शंकरलाल मीणा, जिला परिवहन अधिकारी करणीसिंह, सीबीईओ सतीश पुरोहित, एएसआई श्रवणसिंह और यातायात पुलिस प्रभारी नरपतसिंह शामिल रहे। टीम ने बीएस मेमोरियल स्कूल, एचजीआई स्कूल, सांईबाबा पब्लिक स्कूल, स्वामीनारायण स्कूल, गोविंदधाम स्कूल सहित कई शिक्षण संस्थानों की बसों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों को बालवाहिनी संचालन से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी और नियमों का सख्त पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
दो बसों में नहीं मिला जीपीएस कैमरा सिस्टम
उपखंड अधिकारी मीणा ने बताया कि जांच के दौरान सांईबाबा पब्लिक स्कूल की दोनों बसों में जीपीएस कैमरा सिस्टम नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि बालवाहिनियों की सुरक्षा और बच्चों की निगरानी के लिए जीपीएस कैमरा और अन्य तकनीकी उपकरणों का होना अनिवार्य है। जांच के बाद अधिकारियों ने संबंधित स्कूल प्रबंधन को दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए भविष्य में अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मीणा ने कहा कि यह संयुक्त निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रहे।
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नियमित जांच की आवश्यकता
आबूरोड सिरोही जिले का सबसे बड़ा शहर है, जहां डेढ़ दर्जन से अधिक सीबीएसई स्कूल और शिक्षण संस्थान संचालित हैं। इनमें से कई स्कूलों की बालवाहिनियों की स्थिति चिंताजनक बताई जाती है। कई चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते देखे जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और कड़ी निगरानी से ही ऐसी स्थितियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
सिरोही। आबूरोड उपखंड अधिकारी की अगुवाई में बालवाहिनियों की जांच की गई।
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