अध्यक्ष चुनाव के बीच खाटूश्यामजी में हंगामा
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खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष पद के नामांकन और मतदान को लेकर सोमवार को सियासी माहौल गरमा गया। वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के नामांकन स्थल पर नहीं पहुंचने की सूचना के बाद उनके परिजनों ने अपहरण का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल खड़े किए। मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा और कांग्रेस समर्थक आमने-सामने आ गए और बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जुट गए।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात
नामांकन स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात रहा। भाजपा की ओर से गजानंद कुमावत, पवन पुजारी सहित कार्यकर्ताओं के धरने पर बैठने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के समर्थन में भी समर्थक धरने पर बैठे। इस दौरान पार्षद के ससुर सागर मल झिंझवाड़िया ने कांग्रेस पर आरोप लगाए और पूरे मामले की जांच की मांग की।
भाजपा और कांग्रेस के बीच रिश्तेदारी बताई जा रही है
जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष पद की भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी और कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के बीच रिश्तेदारी भी बताई जा रही है। इसी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दोनों पक्षों के समर्थकों की मौजूदगी के चलते नामांकन स्थल पर काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। मामले को लेकर पुलिस ने घटनाक्रम की जांच शुरू की। प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी। इसी बीच जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कपिल उपाध्याय ने पहले मतदान का समय शाम पांच बजे तक बढ़ाया। बाद में मतदान की अवधि को और बढ़ाकर रात आठ बजे तक कर दिया गया। उसके बाद समय को रात साढ़े दस बजे तक बढ़ा दिया गया।
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समर्थकों में हलचल और बढ़ गई
मतदान का समय बढ़ाए जाने के बाद प्रत्याशियों और समर्थकों में हलचल और बढ़ गई। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए व्यवस्थाएं की गईं। बड़ी संख्या में समर्थकों के मौके पर पहुंचने के कारण पुलिस और प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहना पड़ा। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर खाटूश्यामजी में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। एक ओर जहां दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी के समर्थन में जुटे रहे, वहीं दूसरी ओर पार्षद के नहीं पहुंचने और लगाए गए अपहरण के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया।
हालांकि, अपहरण सहित लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन की निगरानी में मतदान प्रक्रिया जारी रही और रात आठ बजे तक मतदान का समय बढ़ाए जाने के बाद चुनावी घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी रही।