शाहपुरा जिले के शक्करगढ़ थाना क्षेत्र के अमरगढ़ गांव स्थित ऐतिहासिक किले के जगमोहन मंदिर से नीलम की लगभग तीन फीट की मूर्ति और आभूषण की चोरी की वारदात घटित हो गई। कल देर रात हुई इस वारदात में चोर मूर्ति उखाड़कर ले गए, इस कारण मूर्ति के दोनों पंजे वहीं रह गए हैं। इस मूर्ति के पास सामान्य पत्थर से बनी राधाकिशन भगवान की मूर्ति सुरक्षित है।
चोरी की सूचना आज सुबह ग्रामीणों को मिली, जिसके बाद उन्होंने आक्रोशित होकर अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और विरोध प्रदर्शन किया। इसी मंदिर में पूर्व में भी दो बार चोरी की वारदात हो चुकी है तब अन्य मूर्ति चोरी हुई थी, जिसे पुलिस ने बरामद किया लेकिन वह अभी तक कोर्ट में ही रखी है।
बताया गया है कि आज चोरी हुई यह नीलम की प्रतिमा ऐतिहासिक महत्व की है और इसकी कीमत का अभी सही-सही आकलन नहीं किया जा सका है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रतिमा अत्यंत बेशकीमती है।
अमरगढ़ में ऊंचाई पर रियासतकालीन किले में स्थित इस मंदिर के पुजारी राजेंद्र सिंह ने अपनी ओर से पुलिस को दी रिपोर्ट में कहा है कि मूर्ति को चोर उखाड़कर ले गए हैं। इससे मूर्ति के दोनों पंजे टूटकर अपने स्थान पर सुरक्षित हैं। मूर्ति के साथ सोने-चांदी के आभूषण भी चोर ले गए हैं। लगभग तीन फीट की मूर्ति को उखाड़कर ले जाने से आशंका है कि चोरों की संख्या कम से कम चार रही होगी। किसी राज्य स्तरीय गैंग के भी इस वारदात में शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।
चोरी की सूचना मिलने के बाद जहाजपुर के पुलिस उपाधीक्षक अजीतसिंह मेघवंशी और शक्करगढ़ थानाधिकारी हेमराज मीणा अपने जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह चोरी पिछले मामले की पुनरावृत्ति है और पुलिस की कार्रवाई में देरी से उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पुलिस इस बार जल्दी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करे ताकि चोरों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।