शाहपुरा जिले के रायला थाना क्षेत्र में सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहां एक ट्रक चालक को नशीला पदार्थ पिलाकर 56 लाख रुपये के टायर लूट लिए गए। घटना 13 जून की है, जब चालक भूपेश कुमार चौधरी, जो कि अलवर जिले के आलमपुरा गांव का निवासी है, अपने ट्रक में मुंबई से पटियाला, पंजाब के लिए टायर लेकर जा रहा था।
दिल्ली से मुंबई नेशनल हाइवे 48 पर रायला लांबिया टोल के पास भूपेश कुमार ने एक ढाबे पर चाय पीने के लिए रुकाया था। यहां उसे एक अनजान व्यक्ति मिला, जिसने जयपुर तक लिफ्ट देने का अनुरोध किया। पहले तो भूपेश ने मना कर दिया। लेकिन ढाबा संचालक के कहने पर उसने उस व्यक्ति को अपने ट्रक में बैठा लिया। ढाबे से कुछ किलोमीटर आगे बढ़ने पर उस अनजान व्यक्ति ने पानी पीने की इच्छा जताई। ट्रक में रखा पानी गरम होने की वजह से भूपेश ने एक और ढाबे पर ट्रक रोक दिया। वहां से वह व्यक्ति पानी की बोतल और कोल्ड ड्रिंक लेकर आया और भूपेश को पीने के लिए दी।
इस कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला हुआ था, जिसे पीते ही भूपेश कुमार बेहोश हो गया। अगली सुबह की घटना अगले दिन 14 जून को, भूपेश कुमार को होश आया तो उसने खुद को कोटपुतली जिले के भाबरू थाना इलाके के एक होटल पर पाया। ट्रक से सभी टायर गायब थे। उसने तुरंत यह जानकारी भाबरू थाने में दी। लेकिन चूंकि घटना रायला थाना क्षेत्र की थी, इसलिए वहां से एफआईआर रायला थाना भेज दी गई।
रायला थाना प्रभारी बछराज चौधरी के अनुसार, मैसर्स कोस्मो केरिंग प्राइवेट लिमिटेड के जनरल मैनेजर और पूणे निवासी श्याम सुंदर मित्तल ने भाबरू थाने में रिपोर्ट दी थी कि भूपेश कुमार चौधरी का कंटेनर पर टायर लूट लिए गए। टायर की कुल कीमत 56 लाख रुपये बताई गई है। भूपेश कुमार ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान उसने कंटेनर को साइड में खड़ा कर दिया था और चाबी को जेब में रखकर सो गया था। लेकिन नशीला पदार्थ के असर से वह बेहोश हो गया और जब उसे होश आया तो टायर गायब थे।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने सभी संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और ढाबा संचालक एवं अन्य संभावित गवाहों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह एक योजनाबद्ध लूट थी, जिसमें अनजान व्यक्ति ने ढाबा संचालक की मिलीभगत से घटना को अंजाम दिया।
भूपेश कुमार इस घटना से बेहद सदमे में है। उसे उम्मीद थी कि ढाबा संचालक और अनजान व्यक्ति उसकी मदद करेंगे, लेकिन उन्हें धोखा मिला। ट्रक में लदे टायरों की कीमत 56 लाख रुपये थी, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ है। यह घटना ट्रक चालकों की सुरक्षा और हाइवे पर बढ़ते अपराधों की गंभीरता को उजागर करती है। ट्रक चालकों को अब और भी सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर अनजान व्यक्तियों से मिलने और उनसे किसी भी प्रकार का खाद्य या पेय पदार्थ लेने में। पुलिस को इस मामले में जल्द से जल्द सच्चाई का पता लगाना होगा, ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।