अभियान के बारे में जानकारी देते एसपी
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सवाई माधोपुर पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है। पिछले तीन महीनों में ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान 60 प्रकरण दर्ज कर 75 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि इन अपराधियों के खातों में करीब 35 करोड़ रुपए के लेनदेन हुए हैं। पुलिस ने साइबर ठगी की कमाई से खरीदी गई एक कार को भी कुर्क किया है, जो जिले की पहली ऐसी कार्रवाई है।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि जिले में साइबर ठगी, फर्जी खातों की बिक्री, म्यूल अकाउंट्स और फर्जी सिम बेचने वालों के खिलाफ विशेष कार्ययोजना के तहत कार्रवाई की जा रही है। अब तक 29 मामलों में खाता बेचने–खरीदने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है। इन खातों में लगभग 25 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं।
इसी तरह साइबर फ्रॉड में सिम बेचने वाले 4 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं 25 साइबर फ्रॉड मामलों में 49 आरोपियों को पकड़ा गया, जिनसे 7 लाख रुपए नकद, तीन बाइक, तीन कारें, बैंक पासबुक, चेकबुक और कई एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
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एसपी बेनीवाल ने बताया कि चौथ का बरवाड़ा थाने की टीम ने आरोपी विक्रम मीना को साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी से 1.12 लाख रुपए नकद, सोने की ज्वेलरी और एक कार बरामद हुई। जांच में खुलासा हुआ कि यह कार ठगी की रकम से खरीदी गई थी। न्यायालय के आदेश पर इस कार को बीएनएसएस की धारा 107 के तहत कुर्क किया गया, यह कार्रवाई जिले में पहली बार हुई है।
एसपी ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक अकाउंट या सिम कार्ड किसी को न बेचें, यह अपराध है। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से सावधान रहें। पुलिस ने साफ किया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।