सीएमएचओ डॉक्टर धर्म सिंह मीणा के नेतृत्व में सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर मिलावटी मावे के खिलाफ हुई कार्रवाई की जिले भर में चर्चा है। डॉक्टर धर्म ने बताया, मुखबिर तंत्र से उन्हें लगातार शिकायत मिल रही थी कि आगरा-मथुरा से ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में प्रतिदिन मिलावटी मावा सवाई माधोपुर आ रहा है।
मुखबिर की सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की गई और 100 क्विंटल से अधिक मावा पकड़ा गया। पकड़े गए मावे में सबसे ज़्यादा करीब 125 पोटली विजय मावा की और करीब 47 पोटलियां राहुल मावा फर्मों की हैं। जबकि बाकी की पोटलियां अन्य फर्मों की हैं। सीएमएचओ ने बताया कि पकड़े गए मावे के सैंपल लेने के बाद मावा छोड़ दिया गया, जिसे संबंधित फर्म के लोग ले गए।
जब मिलावटी मावा होने की आशंका और सूचना थी, तो सैंपल लेकर क्यों छोड़ा?
बड़ी बात ये है कि जब खाद्य सुरक्षा टीम को मावे में मिलावट का अंदेशा था, तो फिर पकड़े गए मिलावटी मावे को छोड़ा क्यों गया। मौके पर ही जांच कर रिपोर्ट क्यों नहीं बताई गई या लैब से तुरंत जांच करवाने के बाद मावे की क्वालिटी क्यों नहीं बताई गई। सवाई माधोपुर सीएमएचओ का कहना है कि उनकी खाद्य सुरक्षा टीम के पास मौके पर मिलावट साबित करने के लिए सम्पूर्ण संसाधन नहीं थे। ऐसे में मजबूरन उन्हें सैंपल लेने के बाद मावा रिलीज करना पड़ा।
पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे, मिलीभगत के खेल की बू...
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम की कार्यशैली और संसाधनों का अभाव बताकर मौके पर मिलावट साबित नहीं करने से पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि मावा को छोड़ दिया गया है और यही मावा बाजार में बिककर घरों और शादी-ब्याह के सीजन में बड़े स्तर पर खाने में काम आ जाएगा। इस तरह की कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग की टीम पर मिलीभगत और सांठगांठ के भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि पूर्व सूचना के बावजूद मिलावटी मावे की बड़ी खेंप पकड़ने गई टीम के पास संसाधन नहीं होने की बात कहना अपने आप में संदिग्ध बात नज़र आती है।
इस तरह अक्सर मिलावटखोर बच निकलते हैं। पूर्व में भी इस तरह की कई कार्रवाईयां की गईं, मगर आज तक किसी भी मिलावटखोर को सजा नहीं हुई। ऐसे में खाद्य सुरक्षा टीम की इस तरह की कार्रवाईयां महज दिखावा ही साबित होती हैं और मिलावटखोर हर बार बच निकलते हैं। जबकि आगरा और मथुरा से भारी मात्रा में मिलावटी मावा प्रतिदिन सवाई माधोपुर आ रहा है। आम लोग लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा न तो पुलिस को सूचित किया गया और न ही मावा जब्त किया गया। संबंधित फर्मों के खिलाफ मिलावट का मामला भी दर्ज नहीं करवाया गया। ऐसे में खाद्य सुरक्षा टीम की इस कार्रवाई में भी मिलावट की बू आ रही है। पकड़े गए मावे को बिना जांच रिपोर्ट आए ही रिलीज कर दिया गया, यह सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह है।