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Rajasthan Video: भाजपा में गुटबाजी, अकेले पदयात्रा पर निकले प्रदेश अध्यक्ष को बड़े नेताओं का नहीं मिला साथ

Sun, 11 Sep 2022 10:04 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सतीश पूनिया की पदयात्रा में भाजपा को कोई भी बड़ा नेता नहीं पहुंचा। विधायक पब्बाराम विश्नोई और पोकरण के पूर्व विधायक शैतान सिंह राठौड़ ही उनकी यात्रा में शामिल हुए। इसके अलावा रास्ते में कुछ स्थानीय नेता भी उनके साथ पदयात्रा में शामिल हो गए। 
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भाजपा की गुटबाजी सामने आई। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान भाजपा में जमकर गुजबाजी चल रही है। अब तक इसकी सिर्फ खबरें ही सामने आ रही थीं, लेकिन आज कुछ ऐसा जिसने साफ कर दिया कि प्रदेश भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं हैं। 
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रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया पोकरण से रामदेवरा तक पदयात्रा पर निकले, जिसमें भाजपा का कोई बड़ा नेता शामिल नहीं हुआ। सिर्फ एक विधायक उनकी पदयात्रा में शामिल हुआ। पदयात्रा को लेकर पूनिया ने एक ट्वीट कर लिखा- सफर में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो, सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो, किसी के वास्ते राहें कहां बदलती हैं, तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो आज 11/9/2022 शक्ति स्थल- पोकरण से रामदेवरा पदयात्रा। जय बाबे री..जय जय रूणिचा रा धणियां
 

दरअसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने रविवार दोपहर करीब दो बजे पोकरण में जाज्वला माता मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके बाद गोमट गांव से पदयात्रा शुरू की। 8 किलोमीटर की पदयात्रा करने के बाद पूनिया शाम करीब 5 बजे रामदेवरा पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा रामदेव के दर्शन कर देश-प्रदेश की तरक्की की कामना की।
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पूनिया की इस पदयात्रा में भाजपा को कोई भी बड़ा नेता नहीं पहुंचा। विधायक पब्बाराम विश्नोई और पोकरण के पूर्व विधायक शैतान सिंह राठौड़ ही उनकी यात्रा में शामिल हुए। इसके अलावा भाजपा जिला मंत्री मदन सिंह राजमथाई, भाजपा रामदेवरा मंडल के पूर्व अध्यक्ष नारायण सिंह तंवर समेत कुछ स्थानीय नेता भी शामिल हुए। 
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राजनीति जानकारों को कहना है कि रामदेवरा पश्चिम राजस्थान का महाकुंभ कहलाता है। धाम की पदयात्रा से पूरे राजस्थान में एक अलग संदेश जाता है। ऐसे में सतीश पूनियां की इस पदयात्रा की जमकर चर्चा हो रही है। हालांकि, भाजपा के अन्य बड़े नेताओं का शामिल न होना भी चर्चा का कारण बना हुआ है। पूनिया ने निदा फाजली कि जिस कविता (सफर में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो...) की लाइनों को ट्वीट किया है, उसके भी कई राजनीति मायने निकाले जा रहे हैं।
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