सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को जमानत पर रिहा करवाने के लिए राजस्थान में सहारा समूह की सम्पत्ति बेचने की तैयारी की जा रही है। सहारा समूह के उच्चाधिकारी राजस्थान में अपनी संपत्तियों को बेचने के लिए खरीददार तलाश रहे हैं।
जानकारी के अनुसार यहां सहारा की 565 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। संपत्ति को खरीदने के लिए देश के बड़े ग्रुप इच्छा जाहिर कर रहे हैं। राजस्थान में सहारा की एनएच-12 (टोंक रोड) पर बिलवा मानपुर में 91.68 एकड़ में सहारा सिटी होम्स को शामिल नहीं किया गया है।
30 एकड़ जमीन को बेचने की तैयारी
सहारा समूह के एक अधिकारी के अनुसार समूह राजस्थान की सारी संपत्ति बेचने को तैयार है, वाजिब दामों पर। उचित दाम मिलने पर ही सम्पत्ति को बेचने की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
एनसीआर रीजन अलवर में 30 एकड़ जमीन को समूह 18 करोड़ प्रति बीघा की कीमत से बेचना चाहता है। राजस्थान में सबसे बड़ी जमीन श्रीगंगानगर में है, जो करीब 200 एकड़ है।
अधिकारी 1.5 करोड़ प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं। इसके बाद अजमेर स्थित 100 एकड़ जमीन को सहारा समूह 70 लाख प्रति एकड़ की दर से बेचना चाहता है। सबसे ज्यादा कीमत वाली जमीन जोधपुर में तकरीबन 90 एकड़ है। इस जमीन को सहारा समूह 2.25 करोड़ प्रति एकड़ में बेचना चाहता है।
रिहाई के जमा कराएं जाएंगे 3,000 करोड़
गौरतलब है कि न्यायालय में रखे गए प्रस्ताव में सहारा समूह ने कहा है कि राय की रिहाई के तीन दिन के अंदर 3000 करोड़ जमा करा दिए जाएंगे तथा 2000 करोड़ 30 मई तक जमा कराए जाएंगे।
न्यायालय ने सहारा प्रमुख की जमानत पर रिहाई के लिए जो शर्त रखी है उसके तहत कंपनी को 5000 करोड़ नकद तथा शेष 5000 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जमा करानी है। सहारा प्रमुख और कंपनी के दो निदेशक पिछले चार मार्च से तिहाड़ जेल में बंद हैं।