केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार के पास पिछले सात साल का कोई लेखा-जोखा नहीं है और 25 साल की बात कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में गरीबों और बेरोजगारों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 2.42 लाख करोड़ का बजट घटा दिया गया। काला धन कहां समाप्त हो रहा है सरकार यह बताए।
पायलट ने कहा कि ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट के बारे में प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी, लेकिन इस योजना राष्ट्रीय योजना घोषित करने का ऐलान नहीं किया गया। कोरोना काल के बाद केंद्र सरकार को ऐसा बजट लाना चाहिए था जो मध्यमवर्ग और छोटे दुकानदार की सहायता करता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सरकार ने क्रिप्टो करंसी पर कानून नहीं बनाया, लेकिन उस पर टैक्स लगा दिया। सरकार ने एक और मौका खो दिया, अगर वो चाहते तो जनता की मदद कर सकते थे।
कांग्रेस बनाने जा रही सरकार
सचिन पायलट ने कहा कि उत्तराखंड, पंजाब और मणिपुर में कांग्रेस सरकार बनाएगी। उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस का ग्राफ बढ़ रहा है। भाजपा के एक दर्जन विधायकों के पार्टी छोड़कर चले जाने का यही कारण है। भाजपा की स्थिति नाजुक है, उन्हें काम के दम पर वोट नहीं मिल रहा, इसलिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।
इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
रीट पेपर लीक मामले को लेकर पायलट ने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है। 26 लाख युवाओं ने रीट की परीक्षा दी थी, इसका मतलब है कि इस मुद्दे से सवा करोड़ लोग सीधे प्रभावित हो रहे हैं। गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार ने डीपी जारौली को बर्खास्त किया है। एसओजी मामले की जांच कर रही है और सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी भी 45 दिन में अपनी राय देगी। यह युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। किसान व युवा देश और प्रदेश की धरोहर हैं, किसी भी कीमत पर इनके साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।