सचिन पायलट ने अमित मालवीय पर किया पलटवार।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा आईटी विभाग के इंचार्ज अमित मालवीय के उन आरोपों को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने गलत तारीख और गलत तथ्यों पर आधारित बताया है, जिसमें अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा था कि राजेश पायलट और सुरेश कलमाड़ी दो पायलट को मिजोरम पर बम गिराने का इनाम इंदिरा गांधी ने दिया था। दोनों को कांग्रेस से सांसद का टिकट दिया गया और राजनीति में जगह दी।
अपने स्वर्गीय पिता पर लगाए गए आरोपों पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अमित मालवीय पर करारा पलटवार करते हुए ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा- 'आपके पास गलत तारीखें और गलत तथ्य हैं....। हां, इंडियन एयरफोर्स पायलट के तौर पर मेरे पिता ने बम गिराए थे। लेकिन, 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान वह जगह पूर्वी पाकिस्तान थी और जैसा कि आपने क्लेम किया 5 मार्च 1966 को मिजोरम वह जगह नहीं थी। मेरे पिता इंडियन एयरफोर्स में 29 अक्टूबर 1966 को कमीशंड हुए थे। जिसका सर्टिफिकेट भी अटैच कर रहा हूं। जय हिंद और स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं'।
बतौर राजनेता मिजोरम में युद्ध विराम और स्थाई शांति संधि करवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
सचिन पायलट ने कहा है कि स्व. राजेश पायलटजी 29 अक्टूबर, 1966 को भारतीय वायु सेना में कमीशन हुए थे। यह कहना कि उन्होंने 5 मार्च 1966 में मिजोरम में बमबारी की थी - काल्पनिक है, तथ्यहीन है और पूर्ण तरह भ्रामक है। हां, 80 के दशक में एक राजनेता के रूप में मिजोरम में युद्ध विराम करवाने और स्थाई शांति संधि स्थापित करवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका जरूर निभाई थी।
अमित मालवीय ने यह आरोप लगाया था
अमित मालवीय ने ट्वीट कर लिखा था कि 'राजेश पायलट और सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना के उन विमानों को उड़ा रहे थे, जिन्होंने 5 मार्च 1966 को मिजोरम की राजधानी आइज़वाल पर बम गिराये। बाद में दोनों कांग्रेस के टिकट पर सांसद और सरकार में मंत्री भी बने। स्पष्ट है कि नार्थ ईस्ट में अपने ही लोगों पर हवाई हमला करने वालों को इंदिरा गांधी ने बतौर इनाम राजनीति में जगह दी, सम्मान दिया'।