जोधपुर की एक अदालत को बुधवार को सूचित किया गया कि रूस की सरकार मॉस्को में दफनाए गए राजस्थान के व्यक्ति हितेंद्र गरासिया के शव को कब्र से निकाल कर सौंपने को राजी हो गई है। हितेंद्र, वर्क वीजा पर मॉस्को गए थे और वहां एक पार्क में मृत पाए गए थे।
गरासिया की पत्नी आशा देवी ने परिवार को शव उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के लिए भारत सरकार को उचित आदेश जारी करने की प्रार्थना के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
रस्तोगी ने रूसी सरकार के पत्राचार का हवाला देते हुए कहा कि, मृतक के परिवार द्वारा शव का दावा करने के लिए नहीं आने के कारण, इसे पिछले साल 3 दिसंबर को मॉस्को में कब्रिस्तान में दफनाया गया था। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अधिकृत व्यक्ति को सौंपने का फैसला किया गया है।