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Jaipur health: एसएमएस हॉस्पिटल में रोबोट करेंगे सर्जरी, जानें कैसे और कौन से इलाज में करेंगे डॉक्टरों की मदद

Mon, 06 Feb 2023 01:18 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजधानी जयपुर में स्थित राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल एसएमएस में दो अमेरिकन एडवांस रोबोट जल्द ही सर्जरी करते नजर आएंगे। करीब 25-25 करोड़ रुपये कीमत वाले रोबोट से कैंसर समेत यूरोलॉजी और जनरल सर्जरी होंगी।
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रोबोटिक सर्जरी - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी के लिए अमेरिका की डॉक्टर विंशी कंपनी के दो एडवांस रोबोट टेंडर के जरिए खरीदे गए हैं। इनके जरिए जल्द ही अस्पताल के सर्जन मरीजों की रोबोटिक सर्जरी करते नजर आएंगे। करीब 25-25 करोड़ रुपये कीमत के रोबोट सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस बताए जा रहे हैं। इसमें वीडियो रिकॉर्डिंग से लेकर दो घंटे तक का बैटरी बैकअप वाला यूपीएस और अलग-अलग डिग्री एंगल पर मूवमेंट वाले आर्म्स होंगे। साथ ही मैग्निफाइंग लेंस मरीज के सर्जरी वाले शरीर के भीतरी अंगों को माइक्रो लेवल पर सर्जन और डॉक्टर्स को दिखाएंगे, ताकि बारीक से बारीक सर्जरी को कम से कम चीरे के जरिए सफलता के साथ फिनिश किया जा सके।

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मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में मरीजों को मिलेगा फ्री इलाज
रोबोटिक सर्जरी भी एसएमएस हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों को फ्री मिलेगी। इस दोनों मशीनों में से एक को यूरोलॉजी और दूसरी को जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के ऑपरेशन थिएटर में स्टैबलिश किया जाएगा। इन दोनों रोबोटिक सर्जरी मशीनों से 170 स्पेशलाइज्ड प्रोसीजर किए जा सकेंगे, जिनमें कैंसर ट्यूमर और सेल्स रिमूवल, हर्निया, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल सर्जरी, बेरिएट्रिक सर्जरी, एक्लेजिया कार्डिया समेत अलग-अलग किस्म के ऑपरेशन शामिल हैं। अगले एक-दो सप्ताह में ये मशीनें एसएसएस हॉस्पिटल में पहुंच जाएंगी। पहली बार एसएमएस हॉस्पिटल में गरीब मरीजों का भी एडवांस्ड रोबोटिक मशीन से फ्री इलाज हो सकेगा।

फिलहाल देश के चुनिंदा हॉस्पिटल्स में हो रही रोबोटिक सर्जरी
फिलहाल राजस्थान में रोबोटिक सर्जरी कुछ चुनिंदा प्राइवेट हॉस्पिटल में ही हो रही है। जिसका भारी भरकम खर्चा आता है। अहमदाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, मुम्बई, बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद सहित कुछ बड़े शहरों में भी रोबोटिक सर्जरी होती है। यह ज्यादातर छोटे ऑपरेशन के लिए ही इस्तेमाल में ली जाती है। एडवांस्ड टेक्नोलॉजी आने के बाद अब रोबोटिक सर्जरी को कैंसर, यूरोलॉजिकल-प्रोस्टेट और जनरल सर्जरी के लिए भी काफी सटीक और बेहतर माना जा रहा है।
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रोबोटिक सर्जरी - फोटो : Amar Ujala Digital
छोटे चीरे से परफेक्ट सर्जरी, मरीज को कम पीड़ा, जल्द रिकवरी
एसएमएस हॉस्पिटल के जनरल सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. जीवन कांकरिया ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी डे-केयर सर्जरी के लिए सबसे अच्छी टेक्निक है। रोबोटिक मशीन से मरीज की बॉडी में प्रभावित हिस्से में बेहद छोटे छेद करके बड़ी से बड़ी सर्जरी का प्रॉसीजर कर दिया जाता है। इससे पेशेंट को दर्द कम होता है, ब्लड कम बहता है, साथ ही वह जनरल ओपन सर्जरी या दूरबीन से की जाने वाली सर्जरी की तुलना में जल्द रिकवर भी हो जाता है।

मशीन आने के बाद तीन सप्ताह चलेगी ट्रेनिंग
एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरहट्टा ने जानकारी दी कि एक में मशीन आने की उम्मीद है। इंस्टॉलेशन में भी करीब हफ्तेभर का वक्त लग जाएगा। फिर यूरोलॉजी और जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के सर्जन डॉक्टर्स, ओटी के नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ को सिमुलेटर पर इस मशीन से सर्जरी करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। डॉक्टर को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों में ट्रेनिंग के लिए भेजा जा सकता है, ताकि वह लाइव सर्जरी देखकर प्रोसीजर को समझ सकें। ट्रेनिंग में करीब तीन सप्ताह तक का वक्त लग सकता है। अप्रैल महीने से हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा सकती है। मौजूदा समय में लेप्रोस्कोपी सर्जरी की जो रेट्स चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में चल रही हैं, उन्हीं रेट्स पर रोबोटिक सर्जरी की रेट्स रखने की प्लानिंग है। चिरंजीवी योजना के तहत ही इन मशीनों से मरीजों के ऑपरेशन फ्री में हो सकेंगे। जिन्हें सरकारी योजना का लाभ मिलेगा।

कंपनी करेगी दो साल मेंटेनेंस
इन रोबोटिक सर्जरी मशीनों के इंस्टॉलेशन के बाद अगले दो साल तक पूरा मेंटेनेंस संबंधित कंपनी ही करेगी। दो साल की वारंटी के साथ मशीन खरीदी गई हैं। दो साल पीरियड के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज हर साल मशीन के मेंटीनेंस और उपकरणों के लिए कंपनी को 1.78 करोड़ रुपये देगा। अगले कुछ सालों में बढ़ाकर सवा दो करोड़ रुपये तक सालाना देने होंगे।

रोबोटिक सर्जरी के ये हैं फायदे
- पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड कंट्रोलिंग।
- सिस्टम के जरिए ऑपरेटर सर्जन टारगेट पार्ट पर सर्जरी के लिए रोबोट को देगा कमांड।
- हाई क्वालिटी कैमरा रिजॉल्यूशन से क्लीयर विजिबिलिटी और सटीकता से ऑपरेशन।
- पेशेंट की बॉडी में स्पेशल कैमरा से ऑपरेटिव एरिया का थ्रीडी इमेज व्यू भी मिलेगा। आसपास के अंग और नाजुक टिश्यू को बचाना आसान।
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